नई दिल्ली। भारत से हर साल लाखों लोग विदेश में जॉब (Jobs abroad) के लिए इसलिए जाते हैं, ताकि उन्हें अच्छा वर्क-कल्चर मिल पाए। जब वे अच्छे वर्क-कल्चर वाले देश में पहुंच जाते हैं, तो उन्हें समझ आता है कि वे जिंदगी में क्या मिस कर रहे थे। कई बारे ऐसे भी लोग होते हैं, जिन्हें पराए मुल्क का वर्क-कल्चर (Work culture) हैरान करके रख देता है। ऐसा ही कुछ हुआ एक भारतीय महिला के साथ, जो इटली में जॉब कर रही है। भारतीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल ने बताया कि इटली में उसका ऑफिस का पहला दिन एक नई सीख दे गया।
कैसा है इटली का वर्क-कल्चर?
ज्योती ने बताया कि उन्हें पहला झटका तब लगा, जब उन्होंने अपने बॉस को सर कहा। भारत के ऑफिस में तो सर या मैम कहकर सीनियर से बात करना आम है। मगर ज्योति के मुंह से ये सुनकर हर कोई हंसने लगा। उन्हें कहा गया कि वह सर के बजाय उनका निकनैम इस्तेमाल करें। ज्योति को इटली के ऑफिसों का कॉफी-कल्चर भी काफी हैरानी भरा लगा। जब वह अपने कप के लिए पैसे दे रही थी, तो उनके मैनेजर ने उन्हें रोका और कहा कि सीनियर्स के होते हुए बाकी लोग पैसे नहीं देते हैं।
इटली में काम शुरू करना और खत्म करना टाइमिंग के जरिए बंधा हुआ नहीं है। ज्योति ने बताया कि कोई भी ये नहीं देखता है कि कौन कब आ रहा है, जब तक कि काम खत्म हो जा रहा है। कॉफी के लिए बिजी होने का बहाना बनाकर जाना ठीक नहीं माना जाता है। ब्रेक के दौरान ऑफिस की बातें नहीं की जाती हैं। जब ज्योति ने कॉफी ब्रेक पर कोडिंग से जुड़ी बातें करना शुरू किया, तो उन्होंने पूरी बातचीत को ही छुट्टियों और अन्य चीजों पर मोड़ दिया। वे काम के बाद की चीजों को लेकर चर्चा करने लगे।
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