
नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) में भारतीय वायु श्रेष्ठता (Indian Air Superiority) ने पाकिस्तान (Pakistan) को सीजफायर (Ceasefire) के लिए मजबूर किया था। यह खुलासा स्विस थिंक टैंक सेंटर डी’हिस्टोयर एट डे प्रॉस्पेक्टिव मिलिटेयर्स (CHPM) की एक विस्तृत सैन्य रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की ओर से शुरू किए गए चार दिवसीय ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की वायु श्रेष्ठता ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए मजबूर किया था।
पुली (स्विट्जरलैंड) स्थित और 1969 में स्थापित CHPM ने पिछले हफ्ते यह रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसका शीर्षक है ‘ऑपरेशन सिंदूर: द इंडिया-पाकिस्तान एयर वॉर’…और इसे सेवानिवृत्त स्विस वायु सेना के मेजर जनरल एड्रियन फॉन्टानेलाज ने लिखा है। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी कैंपों पर हमला किया। पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) ने 9-10 मई की रात भारत की बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसमें अदमपुर और श्रीनगर जैसे एयर स्टेशनों सहित LoC से 100-150 किमी दूर स्थित ठिकाने शामिल थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की एयरफोर्स (PAF) ने Yihaa III, Bayraktar TB2 और Akinci जैसे ड्रोनों का इस्तेमाल किया, लेकिन भारतीय रक्षा प्रणाली को वह भेद नहीं सका। लिहाजा वे महत्वपूर्ण लक्ष्यों तक नहीं पहुंच सके। भारत ने जवाब में मुख्य रूप से लंबी दूरी की सतह-से-हवा मिसाइल बैटरियों और बॉर्डर सर्विलांस रडारों पर पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया।
रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय सेना ने इजरायली मूल के Harop और Harpy लूटेरिंग म्यूनिशन्स का इस्तेमाल किया, जो अपेक्षाकृत गोपनीय था। 8 और 9 मई को 4 एयर-डिफेंस साइट्स पर हमला किया गया, जिसके परिणामस्वरूप चुनियां और पासरूर में कम से कम दो अर्ली-वार्निंग रडार नष्ट हुए (दृश्य रूप से दस्तावेजित)। IAF के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि 7-10 मई के बीच PAF के 5 F-16 और JF-17 लड़ाकू विमान गिराए गए।
भारत ने कम से कम एक HQ-9 बैटरी पर हमला किया। इन ऑपरेशनों के संचयी प्रभाव से पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र की कवरेज की मात्रा और गुणवत्ता में भारी कमी आई। हमलों से बचने के लिए कई बचे रडार बंद हो गए, जिससे भारतीय विमानों के लिए आगे बढ़ना आसान हुआ। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की हमले की तैयारियों का पता लगाया और “तुरंत जवाबी हमला” किया। Su-30MKI, जगुआर और राफेल से भारतीय हवाई क्षेत्र से ही BrahMos, SCALP-EG और Rampage मिसाइलें दागी गईं। इनसे पाकिस्तानी क्षेत्र में 200 किमी तक गहरे 7 ठिकानों पर हमला हुआ, जिसमें एक सतह-से-हवा मिसाइल बैटरी और 5 एयर बेस शामिल थे।
उत्तर पाकिस्तान में इस्लामाबाद के पास नूर खान एयर बेस पर कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर नष्ट हुआ। मुरिद एयर बेस (PAF के MALE ड्रोन फ्लीट का केंद्र) पर कई हैंगर और कंट्रोल सेंटर क्षतिग्रस्त हुए। मध्य पाकिस्तान में राहिम यार खान एयर बेस की रनवे पर कई हमले हुए और सिविलियन एयरपोर्ट टर्मिनल (ड्रोन कंट्रोल सेंटर) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। रफीकी एयर बेस भी निशाना बना। दक्षिण में सुक्कुर एयर बेस पर ड्रोन हैंगर और रडार पर हमला हुआ। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि भारत ने एस्केलेशन डोमिनेंस बनाए रखा, अपनी एयर डिफेंस संपत्तियों की रक्षा की और परमाणु सीमा पार किए बिना गहरे हमलों की क्षमता दिखाई। इससे पाकिस्तान को सीजफायर की ओर मजबूर होना पड़ा। यह रिपोर्ट 2025 के भारत-पाकिस्तान संकट पर स्वतंत्र यूरोपीय विश्लेषण का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो भारतीय वायु सेना की रणनीतिक श्रेष्ठता को रेखांकित करती है।
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