तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ‘लॉक्ड एंड लोडेड’ वाली टिप्पणी पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान (Iran) ने कहा कि अगर यूएस (US) ने देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य अड्डे और फोर्स टारगेट बन जाएंगे। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए यह बात कही। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर घातक बल का प्रयोग किया तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। इस बयान पर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनी के वरिष्ठ सलाहकार भी चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप से पूरे क्षेत्र में अराजकता फैल सकती है।
ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध
यह प्रदर्शन 2022 के बाद ईरान में सबसे बड़े पैमाने के विरोध हैं, जो महसा अमीनी मामले के बाद हुए थे। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप का बयान इस बात का संकेत देता है कि अमेरिका ईरान में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर सतर्क है, जबकि ईरान इसे अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप मान रहा है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन वैध हैं, लेकिन अशांति फैलाने वालों को कड़ा जवाब दिया जाएगा। दोनों पक्षों की ओर से जारी ये पारस्परिक धमकियां मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा सकती हैं, खासकर तब जब हाल ही में इजरायल-ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति रही हो।
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