
इंदौर। महू के जंगलों में इस साल के अभी तक के पिछले महीनों में तेंदुओं ने लगभग 44 मवेशियों को शिकार बनाया, वहीं 1 महिला को नीलगाय ने पटककर मार डाला । वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस साल महू रेंज के जंगलों में तेंदुओं का शिकार सबसे ज्यादा गाय और केड़ा-केड़ी हुए हैं। इनके अलावा इन्होंने बैल, बकरा-बकरी और भैंसों को भी शिकार बनाया है। इतना ही नहीं, नीलगाय की टक्कर से एक महिला की भी मृत्यु हुई है।
महू के जंगलों में 2 हजार से ज्यादा वन्यप्राणी
महू रेंज के जंगलों में तकरीबन 345 नीलगाय, लगभग 30 तेंदुए, 100 लोमड़ी, 80 लकड़बग्घे, 300 सियार, 400 भेडक़ी, 1000 से ज्यादा लंगूर हैं। इस प्रकार महू रेंज के जंगलों में वन्यप्राणियों की संख्या 2 हजार से ज्यादा है।
शिकार मवेशी संख्या
गाय 25
बैल 02
केड़ा-केड़ी 13
बकरा 01
बकरी 01
भैंस 02
महिला के परिजनों को 8 लाख का मुआवजा
वन्यजीवों ने जिन 44 मवेशियों का शिकार किया, नियम अनुसार वन विभाग को मवेशियों के मालिकों को 5 लाख 6 हजार 500 रुपए की मुआवजा राशि का भुगतान करना पड़ा। इसके अलावा नीलगाय की चपेट में आने वाली महिला की मृत्यु के बाद उसके परिजनों को 8 लाख देना पड़े।
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