
डेस्क: भारत ने अफगानिस्तान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. दुबई में बुधवार को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने तालिबान सरकार के विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्ताकी से मुलाकात की. इस बैठक में राजनीतिक और आर्थिक संबंधों पर विस्तार से चर्चा की गई. तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने भारत की तरफ से अफगानिस्तान को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि तालिबान भारत के साथ एक महत्वपूर्ण आर्थिक देश के रूप में संबंध बनाए रखना चाहता है.
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के ऐतिहासिक रिश्ते हैं. भारत ने बीते साढ़े 3 सालों में अफगानिस्तान को मानवीय सहायता प्रदान की है और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग करने की इच्छा जताई है.
बैठक के दौरान तालिबान के विदेश मंत्री ने भारत को सुरक्षा का आश्वासन दिया और कहा कि अफगानिस्तान से किसी भी तरह का खतरा नहीं है. यह आश्वासन उस समय दिया गया है जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर है. दोनों पक्षों ने चाबहार पोर्ट के माध्यम से व्यापार को बढ़ाने पर चर्चा की. यह पोर्ट भारत-अफगानिस्तान के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
तालिबान ने भारतीय छात्रों, व्यापारियों, और मरीजों के लिए वीजा से संबंधित सुविधाओं को बढ़ाने की मांग की. तालिबान ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष व्यापार और वीजा को सुविधाजनक बनाने पर सहमत हुए हैं. इस बैठक से पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ सकती हैं, खासकर जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव जारी है. तालिबान ने हाल ही में पाकिस्तान की सैन्य चौकियों पर हमले किए थे, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया.
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