
भोपाल। आयकर विभाग की सख्ती के साथ एक अप्रैल से कारोबारियों की परेशानी बढ़ती दिख रही है। दो साल से रुके आयकर सर्वे का सिलसिला फिर शुरू होने जा रहा है। फील्ड पर तैनात आयकर अधिकारियों के सर्वे के अधिकार नए वित्त वर्ष में बहाल किए जा रहे हैं। दो साल पहले फेसलेस असेसमेंट लागू करने के साथ ही आयकर सर्वे और छापों की कार्रवाई मात्र आयकर की इंवेस्टिगेशन विंग के पास सीमित कर दी गई थी। अब इस प्रविधान को फिर बदल दिया गया है।
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