
नई दिल्ली/मुंबई। टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026)में 15 फरवरी की तारीख क्रिकेट प्रशंसकों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं थी, लेकिन आज 5 फरवरी तक आते-आते यह तारीख एक बड़े अनिश्चितता के भंवर(A whirlpool of uncertainty) में फंस गई है। 1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार(Government of Pakistan) द्वारा भारत(India) के खिलाफ मैच के बहिष्कार (Boycott) के ऐलान के बाद से आईसीसी (ICC), बीसीसीआई (BCCI) और पीसीबी (PCB) के बीच पसरी खामोशी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वाकई महामुकाबला रद्द होने का संकेत है या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ी ‘बैक-चैनल’ डिप्लोमेसी चल रही है?
बहिष्कार की जिद और ICC की चेतावनी विवाद की जड़ पाकिस्तान सरकार का वह फैसला है जिसमें उन्होंने साफ़ किया कि उनकी टीम विश्व कप तो खेलेगी, लेकिन भारत के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरेगी। आईसीसी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इसे नियमों का उल्लंघन बताया और पीसीबी को सख्त परिणामों की चेतावनी दी। हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने रुख पर कायम रहते हुए एक बार फिर मैच न खेलने की बात दोहराई है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान अक्सर अंतिम समय में अपने फैसलों से पलटता रहा है, जैसा कि पिछले साल एशिया कप के दौरान देखा गया था। लेकिन इस बार मामला ‘सरकारी आदेश’ का है, जो पीसीबी के हाथ बांध सकता है।
अफवाहों का बाजार और ‘जियोस्टार’ मीटिंग का सच इस तनाव के बीच पाकिस्तानी मीडिया में एक खबर ने तेजी पकड़ी कि आईसीसी सीईओ और जय शाह मुंबई में ‘जियोस्टार’ के मालिक मुकेश अंबानी से इस संकट पर चर्चा करने मिले हैं। चूंकि जियोस्टार टूर्नामेंट का आधिकारिक ब्रॉडकास्टर है और भारत-पाक मैच रद्द होने से उसे भारी वित्तीय नुकसान होगा, इसलिए इस मीटिंग को अहम माना जा रहा था। हालांकि, हकीकत कुछ और ही निकली। जय शाह और संजोग गुप्ता इस समय मिलान (इटली) में हैं, जहाँ वे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के 145वें सत्र में शामिल हो रहे हैं। मुंबई की मीटिंग की खबरें फिलहाल बेबुनियाद साबित हुई हैं।
क्या होगा अंजाम? मैच में अब केवल 10 दिन बचे हैं। यदि पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करता है, तो आईसीसी की नियमों के तहत भारत को ‘वॉकओवर’ मिल जाएगा और पाकिस्तान के अंक काट लिए जाएंगे। इसके अलावा, पीसीबी पर भारी जुर्माना और भविष्य के आईसीसी आयोजनों से प्रतिबंध भी लग सकता है। लेकिन असली नुकसान उन करोड़ों प्रशंसकों और ब्रॉडकास्टर्स का होगा जो इस ‘महामुकाबले’ का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल, यह शांति किसी बड़े तूफान की आहट लग रही है। क्या बैक-चैनल बातचीत कोई रास्ता निकालेगी या क्रिकेट जगत को इस बार बिना भारत-पाक मैच के विश्व कप देखना होगा? इसका फैसला अगले 48 घंटों में होने की उम्मीद है।
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