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‘भारत पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने में सक्षम’, व्यापार समझौते पर बोले गोयल

February 08, 2026

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हालिया व्यापार समझौता दोनों देशों के रिश्ते को और बेहतर व नई दिशा देने की संभावना के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में अब केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को लेकर एक बार फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को उन्होंने कहा कि भारत को अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने में कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने इसे बहुत ही सुरक्षित बताया, क्योंकि उनका मानना है कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था अगले पांच साल में लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर की मांग पैदा करेगी।

गोयल ने बताया कि वर्तमान में भारत 300 अरब डॉलर का सामान अमेरिका से खरीद सकता है, जो अभी वह दुनिया के अन्य देशों से लेता है। उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण अंतिम रूप दे दिया है। इसके तहत भारत अगले पांच साल में ऊर्जा उत्पाद, विमान और पार्ट्स, कीमती धातु, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला अमेरिका से खरीदने का इरादा रखता है।

किसानों की आय पर जोर देते हुए गोयल ने कहा कि अमेरिकी बाजार किसानों को अधिक मूल्य देगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका के व्यापार समझौतों से किसानों को नई निर्यात संभावनाएं मिलेंगी, जिससे उन्हें बेहतर दाम और लाभ मिलेगा।


  • गोयल ने कहा कि आज भारत व्यापार समझौतों की बातचीत ताकत और आत्मविश्वास के साथ कर रहा है। उनका मानना है कि भारत भविष्य में 35 ट्रिलियन डॉलर का बाजार पेश कर सकता है, और यही हमारी सबसे बड़ी वार्ता ताकत है। गोयल ने यह बात भारत-अमेरिका के बीच शुल्क समझौते के बाद पीटीआई वीडियो को दिए अपने पहले इंटरव्यू में कही। यह समझौता दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापार समझौते की ओर पहला कदम माना जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि आज हम 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं, लेकिन 2047 तक यह बढ़कर 30-35 ट्रिलियन डॉलर होगी, जब हम एक विकसित अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। यही भारत का आत्मविश्वास है। इस वृद्धि का अवसर हम अपने व्यापारिक साझेदारों को पेश कर रहे हैं। गोयल के अनुसार यह भविष्य की संभावनाओं को लेकर भारत की रणनीति और ताकत का परिचय है, जिससे देश के लिए नए निवेश और व्यापार के अवसर खुलेंगे।

    गोयल ने कहा कि भारत पहले ही कृषि और मत्स्य उत्पादों का 55 अरब डॉलर का निर्यात कर रहा है। यह समझौता किसानों को और अधिक निर्यात अवसर और बेहतर लाभ दिलाने में सहायक होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी बाजार में नए अवसर किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने में मदद करेंगे और कृषि क्षेत्र की समृद्धि बढ़ाएंगे।

    गोयल ने बताया कि भारत पहले ही विमानों और इंजन के लिए 50 अरब डॉलर के ऑर्डर दे चुका है और अब अगले पांच साल में हवाईनौका क्षेत्र में 100 अरब डॉलर से अधिक की आवश्यकता होगी। इसके अलावा तेल, LNG, LPG और कच्चा तेल भी अमेरिका से आयात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्टील उद्योग की तेज़ बढ़ती मांग के कारण भारत को वर्षाना 30 अरब डॉलर के कोकिंग कोयले की जरूरत होगी। यह सामान पहले भी आयात किया जा रहा है और कुछ नया नहीं है।

    गोयल ने कहा कि बड़े टेक्नोलॉजी फर्म भारत में निवेश कर रहे हैं और देश में 10 गीगावाट डेटा सेंटर बनने वाले हैं। इसके लिए आवश्यक उपकरण अमेरिका से उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसके अलावा AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और उच्च गुणवत्ता वाले मशीनरी की जरूरत भी अमेरिका पूरा कर सकता है। गोयल ने कहा कि 100 अरब डॉलर सालाना का अनुमान भी बहुत संकोचपूर्ण है, क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था अगले दशक में 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है। यही वजह है कि अमेरिका से व्यापार समझौता भारत के लिए भविष्य की बढ़ती मांग और निवेश अवसर सुनिश्चित करेगा।

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