
नई दिल्ली । भारत (India) और यूरोपियन संघ (European Union) ने मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) पर हस्ताक्षर किए। भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ‘सबसे बड़ा समझौता’ कहा जा रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, यह विश्व स्तर पर हुए सबसे बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में से एक है। वर्ल्ड मीडिया (World Media) ने भी इसे सबसे बड़ा समझौता बताया है। जानते हैं किसने क्या लिखा
न्यूयॉर्क टाइम्स : अमेरिका के अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने समझौते पर लिखा है कि भारत-यूरोपीय संघ ने ट्रंप के साये में व्यापार संबंध मजबूत किए हैं। करीब दो दशक तक चली बातचीत के बाद आखिरकार एक बड़ा व्यापार समझौता हो गया है।
अल-जजीरा : अल-जजीरा ने लिखा है कि भारत और यूरोपीय संघ एक बड़े व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं। यूरोपियन आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की।
जर्मन मीडिया : जर्मन मीडिया स्पीगेल ने लिखा है कि करीब 20 वर्षों की बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय संघ ने एक बड़े मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है। इस समझौते के तहत भारत कई क्षेत्रों में ऊंचे टैरिफ घटाएगा।
ब्लूमबर्ग : ट्रंप को करारा जवाब देते हुए यूरोपियन संघ और भारत ने सबसे बड़ा समझौता किया। करीब दो दशकों की बातचीत के बाद यूरोपियन संघ और भारत ने एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता आर्थिक संबंधों को गहरा करने के प्रयासों का हिस्सा है, जिसे ट्रंप प्रशासन की आक्रामक टैरिफ नीतियों के कारण गति मिली है।
बीबीसी : भारत और यूरोपियन संघ ने करीब दो दशकों तक रुक-रुक कर चली बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा की है। दोनों पक्षों ने अमेरिका के साथ तनाव के बीच संबंधों को गहरा करने का लक्ष्य रखा है।
फ्रांसीसी मीडिया : फ्रांसीसी मीडिया ले मोंडे ने कहा कि भारत और यूरोपियन संघ ने करीब 20 साल की लंबी बातचीत के बाद एक बड़े मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ यानी सभी सौदों का सबसे बड़ा सौदा बताया गया है।
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