
नई दिल्ली ।भारत (India) के पैरा खिलाड़ियों ने एशियन पैरा गेम्स (Asian Para Games) 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है। भारतीय दल ने प्रतियोगिता में कुल 114 पदक (Medals) जीते, जिनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके साथ ही भारत ने 2023 में हांगझोऊ (Hangzhou) में बनाए गए अपने 108 पदकों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों (Players) ने नौ स्वर्ण पदक (Gold Medals) जीतकर देश के पदकों की संख्या में महत्वपूर्ण इजाफा किया।
इस बार भारत ने एशियन पैरा गेम्स में 168 खिलाड़ियों का दल भेजा था। यह 2023 में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल के आकार का लगभग आधा था। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से पिछले संस्करण के मुकाबले बेहतर परिणाम हासिल किए। भारत का यह प्रदर्शन पैरा खेलों में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।
प्रतियोगिता के दौरान भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर था। हालांकि, शनिवार को कुछ स्पर्धाओं के फाइनल मुकाबले होने बाकी थे, जिनमें भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी नहीं थी। ऐसे में अंतिम पदक तालिका में भारत की स्थिति में बदलाव की संभावना बनी हुई थी।
एथलेटिक्स भारतीय दल के लिए सबसे अधिक पदक जुटाने वाला खेल रहा। इस स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 65 पदक जीते, जो 2023 में हासिल किए गए पदकों से 12 अधिक थे। एथलेटिक्स में लगातार बेहतर प्रदर्शन ने भारत के कुल पदकों की संख्या को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा बैडमिंटन, तीरंदाजी और निशानेबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। इस खेल में भारत ने तीन स्वर्ण पदक जीते। पुरुष एकल एसएल3 वर्ग के फाइनल में पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने हमवतन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रमोद भगत टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता हैं। नितेश ने इसके अलावा थुलासिमथी मुरुगेसन के साथ मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में रजत पदक भी हासिल किया।
पहली बार एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा ले रहे नवीन शिवकुमार ने भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। उन्होंने पुरुष एकल एसएल4 वर्ग के फाइनल में इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-17 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन दल के लिए प्रतियोगिता के प्रमुख परिणामों में शामिल रही।
महिला युगल में थुलासिमथी मुरुगेसन और मानसी जोशी की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत की पदक संख्या बढ़ाई। दोनों ने फाइनल में चीन की यांग क्यूशिया और शियाओ जूजियान को 21-16, 21-13 से पराजित किया। थुलासिमथी ने महिला एकल एसयू5 वर्ग में भी रजत पदक जीता था। फाइनल में उन्हें चीन की यांग क्यूशिया के खिलाफ 18-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस तरह उन्होंने एक स्वर्ण और दो रजत पदकों के साथ प्रतियोगिता समाप्त की।
निशानेबाज मोना अग्रवाल और तीरंदाजों के प्रदर्शन ने भी भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़ाने में योगदान दिया। कुल मिलाकर, 30 स्वर्ण सहित 114 पदकों की उपलब्धि ने एशियन पैरा गेम्स में भारत के पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया। अंतिम दिन मिले नौ स्वर्ण पदकों ने इस अभियान को यादगार बनाया और भारतीय दल को प्रतियोगिता में अपना नया रिकॉर्ड स्थापित करने में मदद की।
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