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खाड़ी देशों से भारत की ट्रेड डिप्लोमेसी को नई रफ्तार, पाकिस्तान-सऊदी समझौते के बीच FTA पर बड़ा संकेत

February 06, 2026

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने गुरुवार को संकेत दिया कि भारत (India) और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर वार्ता दोबारा शुरू होने वाली है। यह घोषणा ऐसे दौर में आई है, जब भारत पहले ही यूरोपीय संघ (EU) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ अहम व्यापारिक करार कर चुका है। इस पहल को भारत की व्यापक व्यापार रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

GCC छह खाड़ी देशों का समूह है, जिसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं। पीयूष गोयल के मुताबिक, भारत और इन देशों के बीच व्यापारिक संबंधों का इतिहास करीब 5000 साल पुराना है। मौजूदा समय में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक इन देशों में निवास कर रहे हैं और उनकी अर्थव्यवस्थाओं में अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रस्तावित समझौते का मकसद वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त आवागमन को बढ़ावा देना, निवेश को आकर्षित करना और नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित करना है।


  • पाक-सऊदी रक्षा समझौते की पृष्ठभूमि
    भारत और GCC के बीच बातचीत की बहाली ऐसे समय में हो रही है, जब क्षेत्रीय भू-राजनीतिक हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। सितंबर 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच ‘सामरिक पारस्परिक रक्षा समझौता’ (SMDA) हुआ था। यह समझौता मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव, जिसे ऑपरेशन सिंदूर के नाम से जाना गया, के कुछ महीनों बाद सामने आया। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।

    UAE-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ता तनाव
    जहां पाकिस्तान और सऊदी अरब के रिश्तों में नजदीकी दिख रही है, वहीं UAE और पाकिस्तान के संबंधों में खटास उभरकर सामने आई है।

    एयरपोर्ट डील पर ब्रेक: UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा के तुरंत बाद, UAE ने पाकिस्तान के साथ एक अहम समझौते को रद्द कर दिया। पाकिस्तानी अख़बार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रबंधन से जुड़ा यह सौदा इसलिए टाल दिया गया क्योंकि पाकिस्तान किसी स्थानीय साझेदार का नाम तय नहीं कर पाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतिम कॉल लेटर के बावजूद UAE ने नामित इकाई की पुष्टि न होने की बात कही।

    रणनीतिक वजहें: सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के रक्षा समझौते के बाद UAE और पाकिस्तान के बीच दूरी बढ़ने की बात कही जा रही है।

    भारत-UAE की मजबूती: शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की हालिया दिल्ली यात्रा ने भारत और UAE के रिश्तों को नई ऊंचाई दी है।

    भारत-UAE व्यापार लक्ष्य: 200 अरब डॉलर
    UAE राष्ट्रपति की छोटी लेकिन अहम भारत यात्रा के कुछ ही घंटों बाद दोनों देशों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर करने का लक्ष्य तय किया। खाड़ी क्षेत्र में UAE और सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार हैं। जानकारों का मानना है कि एक ओर पाकिस्तान-सऊदी साझेदारी और दूसरी ओर भारत-UAE की बढ़ती नजदीकियां खाड़ी क्षेत्र की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं।

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