
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद जयराम रमेश (Congress MP Jairam Ramesh) ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) मजबूरी में की गई अंतरिम डील है (Is an interim deal done under Compulsion) । यह डील दबाव में हुई है।
जयराम रमेश ने कहा, “अभी एक संयुक्त वक्तव्य जारी हुआ है। 2 फरवरी को राष्ट्रपति ट्रंप ने पहली बार सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी के कहने पर व्यापार समझौते की घोषणा की जा रही है। यह बिल्कुल साफ है कि भारत पर दबाव है और मजबूरी में हमें यह अंतरिम डील करनी पड़ी।” उन्होंने कहा, “पहली बार होगा कि हम रूस से तेल नहीं खरीदेंगे। इस विषय पर अमेरिका ने अलग से वक्तव्य जारी किया है कि अगर तेल खरीदा तो 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा।
संयुक्त बयान में सबसे पहले बिंदु में अमेरिकी किसानों का भी जिक्र किया गया है कि भारत उन्हें आयात कर में छूट देगा।” कांग्रेस सांसद ने कहा कि अमेरिकी किसानों को बहुत फायदा होगा, क्योंकि पहली बात इस सयुंक्त वक्तव्य में कहा गया है कि हम इंपोर्ट ड्यूटी घटाएंगे या हटाएंगे। हटाने और घटाने भारत के किसानों को ही नुकसान होगा।
जयराम रमेश ने कहा, “अमेरिका से भारत तकरीबन 45 बिलियन डॉलर का आयात करता है। वक्तव्य में कहा गया कि आयात को तीन गुना बढ़ाया जाएगा। मतलब कि अमेरिका से अगले 5 साल में भारत 500 बिलियन डॉलर का आयात करेगा । इससे ट्रे़ड सरप्लस भविष्य में व्यापार घाटे में भी बदल सकता है। वहीं, भारत के निर्यात पर कर को बढ़ाया जा रहा है। इसलिए यह डील भारत के हित नहीं है।” जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि समझौते में एच-1वीजा का कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक डिटेल्स नहीं आतीं, ये सवाल उठते रहेंगे और ये सवाल संसद में भी उठाए जाएंगे। कांग्रेस पार्टी और दूसरी विपक्षी पार्टियां ये सवाल उठाए हैं।
उधर कांग्रेस का आरोप है कि एपस्टीन फाइल्स को लेकर कथित दबाव के चलते मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया है। कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा एपस्टीन फाइल्स के डर से मोदी ने ट्रंप के आगे पूरी तरह सरेंडर बोल दिया है। रूस से तेल खरीदने की वजह से ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया था। अब इस टैरिफ को हटाते हुए ट्रंप ने लिखा है- भारत ने प्रतिबद्धता जताई है कि वो रूस से तेल नहीं खरीदेगा. अब रूस की जगह अमेरिका से तेल खरीदेगा। इतना ही नहीं… ट्रंप ने धमकाते हुए कहा है- हम भारत पर निगरानी रखेंगे. अगर ये लगा कि भारत फिर से रूस से तेल खरीद रहा है तो हम तुरंत टैरिफ ठोक देंगे।
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