
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Union Minister Piyush Goyal) ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) से भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में बड़ी बढ़त मिलेगी (Will give Indian Exporters big boost in the Global Market) । उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में आज का दिन देश के लिए बेहद अहम है और यह भारत की आर्थिक यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा।
पीयूष गोयल के अनुसार, भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और दोनों देशों के मजबूत कूटनीतिक संबंधों तथा नेताओं के बीच दोस्ती के आधार पर फरवरी 2025 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी। इस समझौते का उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच सालाना 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को हासिल करना है। उन्होंने कहा कि आज का दिन इस लक्ष्य को पाने की दिशा में निर्णायक कदम है, जिसे इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।
पीयूष गोयल ने आगे बताया कि जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और एयरक्राफ्ट पार्ट्स समेत कई तरह के सामानों पर टैरिफ घटकर जीरो हो जाएगा, जिससे भारत की एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस व ‘मेक इन इंडिया’ को और बढ़ावा मिलेगा। अमेरिका भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी में टेक्सटाइल और कपड़ों, चमड़े और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर प्रोडक्ट्स, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, कारीगरी वाले प्रोडक्ट्स और चुनिंदा मशीनरी जैसे अहम सेक्टर में बड़ा मार्केट मौका मिलेगा।”
उन्होंने जानकारी दी कि भारत को सेक्शन 232 के तहत एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर छूट, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा और जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स पर बातचीत के नतीजों का भी फायदा मिलेगा, जिससे इन सेक्टरों में एक्सपोर्ट में ठोस फायदा होगा। साथ ही, यह समझौता संवेदनशील कृषि और डेयरी प्रोडक्ट्स, जैसे मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां, मांस वगैरह को पूरी तरह से सुरक्षित रखकर किसानों के हितों की रक्षा करने और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस पहल के बाद पूरे देश में उत्साह और खुशी का माहौल है। उद्योग, व्यापार, कृषि और निर्यात जैसे सभी क्षेत्रों में भविष्य को लेकर सकारात्मक माहौल बना है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में नए अवसर पैदा होंगे और भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में बड़ी बढ़त मिलेगी। पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला संयुक्त राज्य अमेरिका अब भारतीय निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा राष्ट्र का दर्जा देगा, जिससे भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी और अधिक मजबूत होगी।
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