
नई दिल्ली। भारत (India) का पासपोर्ट (Passport) वैश्विक स्तर पर अब पहले से बेहतर स्थिति में है। हेलने एंड पार्टनर्स की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक गतिशीलता रैंकिंग (Ranking) अब 75वें स्थान पर पहुँच गई है, जबकि 2025 में यह 85वें स्थान पर था और साल की शुरुआत में 80वीं रैंक पर था।
हालांकि रैंकिंग में सुधार के बावजूद, दो ऐसे देश हैं जिन्होंने भारतीयों के लिए वीजा फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा बंद कर दी है। 2025 में भारतीय 57 देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल यात्रा कर सकते थे, लेकिन हालिया रिपोर्ट के मुताबिक यह संख्या 56 देशों रह गई है, क्योंकि गाम्बिया के जुड़ने के बावजूद ईरान और बोलिविया ने कुछ प्रतिबंध लगाए हैं।
भारतीयों ने किन दो देशों में खोई सुविधा
ईरान: नवंबर 2025 में ईरान ने सामान्य भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा फ्री सुविधा बंद कर दी। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह कदम वहां हाल ही में हुई अपहरण और फिरौती की घटनाओं के कारण उठाया गया।
बोलिविया: बोलिविया ने वीजा ऑन अराइवल सुविधा बंद कर दी और अपनी नई ई-वीजा प्रणाली लागू कर दी। अब वहां आने वाले सभी नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक है।
इसके बावजूद फरवरी 2026 में गाम्बिया ने भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दी, जिससे कुल देशों की संख्या 56 बनी रही।
रैंकिंग में सुधार कैसे हुआ
हालांकि कुछ देशों ने भारतीय पासपोर्ट की पहुंच घटा दी, फिर भी भारत की रैंकिंग सुधरी। इसके पीछे हेनले इंडेक्स का रिलेटिव सिस्टम काम करता है। यदि अन्य देशों ने भी अपनी वैश्विक पहुंच खोई है, तो भारत की रैंकिंग अपने आप ऊपर चली जाती है। इस समय भारत 75वीं रैंक पर अल्जीरिया और नाइजर के साथ साझा स्थिति में है।
पासपोर्ट की रैंकिंग के आधार
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के 199 देशों के पासपोर्ट की तुलना करता है। इसमें निम्न आधार शामिल हैं:
यदि किसी देश में जाने के लिए पहले से दूतावास या ई-वीजा की आवश्यकता हो, तो उसे 0 अंक दिया जाता है।
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