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फिर आसमान का ‘किंग’ बनने की तैयारी में IndiGo, कंपनी ने तैयार किया बड़ा ब्लूप्रिंट

February 14, 2026

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) एक बार फिर अपनी बादशाहत (King of the Skies) मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी 1,000 से अधिक पायलटों की भर्ती का बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है, जिसे भारतीय एविएशन सेक्टर के सबसे बड़े रिक्रूटमेंट ड्राइव में से एक माना जा रहा है। यह कदम दिसंबर 2025 में आई ऑपरेशनल बाधाओं के बाद उठाया जा रहा है, जब क्रू की कमी के कारण सात दिनों में 5,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।

किन पदों पर होगी भर्ती?
इस भर्ती अभियान में शामिल होंगे:
ट्रेनी फर्स्ट ऑफिसर्स
सीनियर फर्स्ट ऑफिसर्स
कैप्टन

कंपनी बिना अनुभव वाले उम्मीदवारों को भी शामिल कर रही है, जिन्हें विस्तृत ट्रेनिंग दी जाएगी। आमतौर पर ट्रेनी पायलटों को फर्स्ट ऑफिसर बनने से पहले करीब छह महीने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

क्यों आया था दिसंबर में संकट?
दिसंबर में नए रेस्ट नियम लागू होने के बाद स्थिति बिगड़ी।
नियमों के तहत: रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लैंडिंग की संख्या सीमित की गई। साप्ताहिक आराम अवधि बढ़ाई गई। इन बदलावों के कारण अचानक पायलट उपलब्धता कम हो गई और शेड्यूलिंग पर असर पड़ा।

जांच में क्या सामने आया?
एविएशन रेगुलेटर Directorate General of Civil Aviation (DGCA) की जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने नए नियमों के अनुसार समय रहते पर्याप्त भर्ती और ट्रेनिंग नहीं बढ़ाई थी।
इससे पायलटों को बार-बार री-असाइनमेंट, लंबी ड्यूटी और अतिरिक्त यात्रा (डेडहेडिंग) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

तेजी से बढ़ते बेड़े के हिसाब से नई रणनीति
एयरलाइन हर महीने औसतन कई नए विमान शामिल कर रही है। DGCA नियमों के अनुसार हर विमान के लिए पायलटों के तीन सेट रखने होते हैं—यानी आवश्यकता लगातार बढ़ती रहती है। एक आंतरिक समीक्षा में सामने आया कि कंपनी को 2,422 कैप्टन की जरूरत थी, जबकि उपलब्ध संख्या 2,357 ही थी। यही अंतर ऑपरेशनल दबाव का कारण बना।

अब क्या बदल रही है कंपनी?
दिसंबर की स्थिति दोहराने से बचने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं:
शेड्यूल बफर को बढ़ाकर लगभग 3% किया गया
स्टैंडबाय क्रू लेवल 15% तक बढ़ाया गया
ट्रेनिंग पाइपलाइन तेज की गई
नेटवर्क प्लानिंग को दोबारा डिजाइन किया गया
हर महीने नए फर्स्ट ऑफिसर्स को कैप्टन में अपग्रेड करने की प्रक्रिया तेज

लक्ष्य: मजबूत “कॉकपिट बेंच स्ट्रेंथ”
एयरलाइन अब मांग स्थिर रहने और नए विमानों की लगातार डिलीवरी के बीच अपनी पायलट उपलब्धता को पहले से ज्यादा संतुलित करना चाहती है।
कंपनी का फोकस अब सिर्फ विस्तार पर नहीं, बल्कि सस्टेनेबल ऑपरेशंस और क्रू-रेडीनेस पर है।

दिसंबर का संकट इंडिगो के लिए चेतावनी साबित हुआ। अब कंपनी आक्रामक भर्ती, बेहतर रोस्टरिंग और ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए अपनी ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत कर फिर से भारतीय आसमान में निर्विवाद लीडरशिप बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।

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