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इंदौर: हर दिन ढाई करोड़ वसूल रहा प्रशासन फिर भी 36 करोड़ से अधिक बकाया

February 04, 2026

  • शासन ने 142 करोड़ का टारगेट दिया , लक्ष्य तक पहुंचना चुनौती

इंदौर। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में अब कुछ समय ही बचा है। जिले में राजस्व वसूली को लेकर प्रशासन लगातार दबाव बनाए हुए है। वसूली विवरण के अनुसार सभी तहसीलों में कुल 60 करोड़ 24 लाख रुपए की वसूली योग्य राशि के मुकाबले 23 करोड़ 57 लाख रुपए की ही वसूली हो सकी है। इसके चलते अब भी 36 करोड़ 73 लाख की राशि बकाया बनी हुई है।

हालांकि प्रशासन का दावा है कि वर्तमान में हर दिन औसतन लगभग दो करोड़ रुपए की राजस्व वसूली की जा रही है। इसी को देखते हुए तहसील स्तर पर अमले को सक्रिय किया गया है और बकायादारों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसके बावजूद शेष राशि को देखते हुए लक्ष्य प्राप्ति आसान नहीं मानी जा रही। वसूली के आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की 14 करोड़ 29 लाख 15 हजार 718 रुपए की बकाया राशि भी चालू वर्ष की वसूली में शामिल है। वहीं पूर्व आरओ बैठक में 38 करोड़ 83 लाख रुपए की मांग बताई गई थी।


  • इस पर और किए गए मंथन के बाद राशि 45 करोड़ 95 लाख 50 हजार 813 रुपए दर्ज की गई है। इन सभी को मिलाकर कुल वसूली योग्य राशि 60 करोड़ 24 लाख 66 हजार 531 रुपए तक पहुंच गई है। तहसीलवार स्थिति देखें तो मल्हारगंज तहसील में सबसे अधिक बकाया सामने आया है। यहां 13 करोड़ 46 लाख 62 हजार 362 रुपए की वसूली योग्य राशि के मुकाबले 3 करोड़ 98 लाख रुपए ही वसूल हो सके हैं, जबकि 9 करोड़ 47 लाख रुपए अब भी शेष हैं। वहीं जूनी इंदौर तहसील में 12करोड़ 42 लाख की मांग के विरुद्ध 6 करोड़ 29 लाख 28 हजार 10 रुपए की वसूली हुई है।

    ग्रामीण तहसीलों में भी स्थिति चिंताजनक है। देपालपुर में 6 करोड़ 19 लाख, सांवेर में 2 करोड़ 73 लाख, महू में 3 करोड़ 16 लाख और राऊ तहसील में 2 करोड़ 11 लाख की वसूली शेष है। 02 फरवरी को एक दिन में जिलेभर में 2 करोड़ 35 लाख की वसूली दर्ज की गई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में दैनिक वसूली को और बढ़ाने, बड़े बकायादारों पर कार्रवाई तथा तहसीलवार काम तेजी से करवाने के लिए 6 संयुक्त कलेक्टर को भी इस काम में लगा दिया गया है। हर अधिकारी को 12 से 15 गांवों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    इनको जिम्मेदारी दी
    राजस्व वसूली को गति देने के लिए कलेक्टर ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। तहसील स्तर की राजस्व वसूली की सीधी निगरानी अब संयुक्त कलेक्टर करेंगे। जिले के 6 संयुक्त कलेक्टर दीपक चौहान, रोशनी पाटीदार, रोशनी वर्धमान, प्रिया वर्मा, प्रियंका चौरसिया और सीमा कनाश को 12 से 15 गांवों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि नोटिस और कुर्की के अधिकार न होने से संयुक्त कलेक्टरों की भूमिका को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। ये सभी सिर्फ कॉल करके बकायादारों को मनाने का काम कर रहे हैं।

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