
हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर
इंदौर। नगर निगम (Municipal council) ने कान्ह नदी (Kanh River) सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट (beautification project) के चलते शिवाजी मार्केट (Shivaji Market) की 126 दुकानों के आवंटन ना सिर्फ निरस्त किए, बल्कि बेदखली के नोटिस भी जारी कर दिए हैं, जिसमें 15 दिन में दुकान खाली कर कब्जा सौंपने को कहा गया है और इस मामले में हाईकोर्ट सहित जिला और सत्र न्यायालय में भी कैविएट दायर कर दी गई है।
दूसरी तरफ अभिभाषक मनीष यादव का कहना है कि कुछ समय पूर्व ही हाईकोर्ट ने निगम को निर्देश दिए थे कि उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना दबावपूर्वक दुकानें खाली नहीं कराई जा सकती। मगर अब जो निगम ने आवंटन निरस्त किए हैं यह हाईकोर्ट की अवमानना भी है और इससे कोर्ट को अवगत भी कराया जाएगा। निगम ने जो सूचना-पत्र यानी नोटिस दुकान मालिकों को जारी किए हैं उसमें यह भी कहा गया है कि हाईकोर्ट में दायर याचिका में आदेश दिनांक 20.11.2025 के तहत आपको सूचित किया जाता है कि भाई नारायणसिंह सपूत मार्ग शिवाजी मार्केट स्थित दुकान को रिक्त कर इसका कब्जा निगम को सौंपना सुनिश्चित करें और इसका पालन ना करने पर निगम द्वारा लोक परिसर बेदखली अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष दुकानों का रिक्त आधिपत्य प्राप्त करने हेतु नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दुकान का रिक्त आधिपत्य और क्षतिपूर्ति प्राप्त की जाएगी। अपर आयुक्त मार्केट विभाग के हस्ताक्षर से शिवाजी मार्केट के सभी 126 दुकान मालिकों को इस आशय के नोटिस अभी जारी किए गए हैं, जिसमें यह भी कहा गया है कि इन दुकानों को रीवर साइड डेवलपमेंट यानी नदी सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के तहत हटाया जाना है। पूर्व में निगम ने 13.11.2025 को भी इन आबंटितों को नोटिस भेजकर लॉटरी के जरिए नवनिर्मित नंदलालपुरा कॉम्प्लेक्स की दुकानों में विस्थापन के लिए कहा था, लेकिन दुकानदारों ने विस्थापन की इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया और कोई राशि भी जमा नहीं कराई।