
इंदौर। पिछले दिनों अग्रिबाण ने ही प्राधिकरण के सभी प्रोजेक्टोंऔर खासकर डबल डेकर ब्रिज निर्माण की लेटलतीफी उजागर की थी, जिसके चलते कल सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने अधिकारियों के साथ ब्रिज निर्माण का अवलोकन किया और उन्होंने भी पाया कि काम की गति धीमी है, जिसके चलते ठेकेदार फर्म को फटकार भी लगाई और जुर्माना राशि भी आरोपित करने की चेतावनी दी गई।
लवकुश चौराहा पर निर्माणाधीन यह डबल डेकर ब्रिज वर्ष के अंत तक तैयार हो जाना था, जिस पर अभी यातायात भी शुरू हो जाता। मगर अब 3 से 4 माह का समय और निर्माण पूर्ण होने में लगेगा। दूसरी तरफ प्राधिकरण ने 13 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च कर नीचे की सर्विस रोड को सीमेंट कांक्रीट से निर्मित करने का निर्णय लिया, ताकि बाहरी यातायात का दबाव दोनों तरफ की सर्विस रोड झेल सके।
प्राधिकरण में सीईओ के तबादले के बाद बीते 4 महीनों से सभी प्रोजेक्टों की मॉनिटरिंग लगभग ठप पड़ी रही और फिर उसके बाद एक महीने की मिड टर्म ट्रेनिंग पर सीईओ मसूरी चले गए, जो अभी तीन दिन पहले लौटे। कल लवकुश चौराहा पर निर्माणाधीन डबल डेकर ब्रिज का अवलोकन करने पहुंचे और कार्य की प्रगति पर असंतोष भी व्यक्त किया। ठेकेदार के प्रतिनिधि को फटकार भी लगाई और अगले दो से तीन महीने के बीच ब्रिज का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। ब्रिज पर भारी-भरकम गर्डरों की लॉन्चिंग की प्रक्रिया भी जारी है।
वहीं प्राधिकरण ने अपनी पिछली बोर्ड बैठक में डबल डेकर ब्रिज के नीचे की सर्विस और स्लिप रोड को सीमेंट कांक्रीट से करना तय किया, क्योंकि इस रोड पर यातायात का दबाव अत्यधिक रहेगा, जिसके चलते 40 एमएम डामर की बजाय कांक्रीट सडक़ निर्माण का निर्णय लिया। हालांकि उस पर 11.23 करोड़ रुपए की राशि अधिक खर्च होगी। कुल 13.25 करोड़ रुपए की इस कार्य पर खर्च करने की प्रशासकीय स्वीकृति बोर्ड से ली गई। यह भी उल्लेखनीय है कि बोर्ड संकल्प 78 दिनांक 13.07.2023 के जरिए डबल डेकर ब्रिज के लिए 198 करोड़ रुपए की प्रशासकीय मंजूरी ली गई थी, जिसमें अब 11.23 करोड़ रुपए की राशि और अतिरिक्त व्यय के रूप में जुड़ जाएगी। डबल डेकर ब्रिज का निर्माण अब तक पूर्ण होकर यातायात शुरू हो जाना था। मगर अब अप्रैल तक निर्माण पूर्ण करने की समय सीमा ठेकेदार फर्म को दी गई है।

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