
इंदौर। कई ऑनलाइन कंपनियों द्वारा शहर में बिना परमिट दो पहिया वाहनों को किराए से चलाने एवं उनके अन्य कमर्शियल उपयोग को लेकर हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। कुछ दिनो पहले इस मामले को लेकर लॉ स्टूडेंट आयुष जाट की ओर से एडवोकेट अमित सिंह सिसोदिया द्वारा एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि शहर में रैपिडो, ओला, उबेर सहित अनेक कंपनियां ऑनलाइन किराए पर दो पहिया वाहन चला कर इनका कमर्शियल उपयोग कर रही हैं व सुरक्षा के नियमों की अनदेखी की जा रही है। इनके कोई वैध परमिट नहीं है ना ही इनके चालकों की कोई ड्रेस या पहचान तय है।
इनके वाहनों की नंबर प्लेट भी नियमानुसार पीली नहीं है। इस कारण इनका उपयोग आम आदमी के लिए असुरक्षित हैं। इसके अलावा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों (माला ढोने, डिलीवरी बॉय आदि) में भी दो पहिया वाहनों का उपयोग किया जा रहा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने 10 अक्टूबर 2025 को इस निर्देश के साथ यह याचिका निराकृत की थी कि परिवहन एवं अन्य संबंधित विभाग मोटरवाहन अधिनियम, 1988 और मोटर वाहन एग्रीगेटर्स दिशानिर्देश, 2025 के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। एडवोकेट सिसोदिया ने बताया कि लगभग चार माह बाद भी कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर इसे लेकर हाई कोर्ट में अवमानना याचिका कल दायर कर दी गई है। डिवीजन बेंच इस पर सम्भवत: आगामी सोमवार को सुनवाई करेगी।
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