
इंदौर । मुख्यमंत्री के आदेश पर (On the orders of Chief Minister) इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया (Indore Municipal Corporation’s Additional Commissioner Rohit Sisonia) हटा दिए गए (Was Removed) । प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण विभाग का प्रभार वापस लेने का आदेश देने के साथ ही नगर निगम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया ।
मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से हुई 15 मौतों के मामले में सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश दिए । इसके साथ ही प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के आदेश दिए और इंदौर नगर निगम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जानकारी देते हुए कहा आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की। इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए।
इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं।इस दृष्टि से सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष तथा आयुक्त एवं जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग व अन्य संबंधित मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की आज सायं वर्चुअल बैठक बुलाई है, जिसमें पूरे प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
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