
इन्दौर। वर्तमान शास्त्री ब्रिज को 6 लेन करने की कवायद के बीच रेल मामलों के विशेषज्ञ ने सुझाव दिया है कि यहां 6 लेन ब्रिज बनाने में कई प्रकार की कठिनाई आ सकती है, वहीं अगर पैदल चलने वाले और रेल यात्रियों के आने-जाने के लिए फुट ओवरब्रिज बनाया जाए तो ब्रिज के आसपास काफी जगह मिल सकेगी।
पश्चिम रेलवे के अधिकारी इंदौर में शास्त्री ब्रिज के नवनिर्माण को लेकर दौरा करने आए थे। वर्तमान में प्रस्तावित किया गया है कि भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए शास्त्री ब्रिज को 6 लेन का बनाया जाए, ताकि सडक़ पर चलने वाले वाहनों की संख्या बढ़े भी तो यहां जाम की स्थिति न बने। वर्तमान में कई बार सुबह और शाम के समय जब एमजीरोड पर वाहनों की संख्या बढ़ती है तो ब्रिज पर जाम लग जाता है। इस मामले में रेल मामलों के विशेषज्ञ तथा रेल कमेटियों में रह चुके नागेश नामजोशी ने रेलवे अधिकारियों को एक बैठक में सुझाव दिया कि वर्तमान में जो फुटपाथ पर ब्रिज बना है, उसे हटा दिया जाए तो काफी जगह मिल सकती है।
एक चर्चा में उन्होंने बताया कि गांधी हॉल की ओर मंदिर होने के कारण चौड़ाई बढऩे की गुंजाइश कम है। वैसी ही स्थिति रीगल टॉकीज की ओर भी है। यहां उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के आवास होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से पुल को इस ओर भी नहीं बढ़ा सकते। अगर यहां पुल बनाया भी जाता है तो राजकुमार पुल की ओर से आकर हाई कोर्ट जाने वाला मार्ग बंद हो जाएगा, वहीं शास्त्री मार्केट के पास भी पुल नजदीक आ सकता है, जो सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। नामजाशी ने सुझाव दिया कि प्रस्तावित पुल के दोनों ओर फुटपाथ नहीं रखे जाए तो 3 मीटर की जगह मिल सकती है, वहीं पैदल चलने वालों के लिए अलग से फुट ओवरब्रिज का निर्माण करवाया जाए। यह पुल गांधी हॉल के बाहरी और पत्थर गोदाम रोड पर निर्मित किया जाए, जिसकी एक भुजा रीगल टॉकीज की ओर उतारी जाए औैर दूसरी भुजा प्लेटफार्म से जोड़ दी जाए। इस सुझाव का तकनीकी पहलू भी अधिकारी पहले पता कर लें और उसके बाद इसका प्रस्ताव बनाया जाए। जनप्रतिनिधियों और शहर के मामलों के विशेषज्ञों से भी इस संबंध में सुझाव लेने के लिए उन्होंने अधिकारियों से कहा।
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