
भागीरथपुरा में सुबह संजय दुबे अफसरों के साथ पहुंचे, कई रहवासियों से घटना की ली जानकारी, संजीवनी क्लिनिक का भी किया दौरा

इंदौर। भागीरथपुरा (भागीरथपुरा) में हुए घटनाक्रम के बाद आज सुबह नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव (Additional Chief Secretary) संजय दुबे (Sanjay Dubey) अफसरो के साथ क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कई घरों में नलों से आए टंकी के पानी (water ) की अपने स्तर पर जांच भी की और पानी को सूंघकर देखने के साथ-साथ रहवासियों से बातचीत भी की। आज भागीरथपुरा पानी की टंकी से घटना के बाद पहली बार पानी सप्लाई किया गया तो तमाम चौकसी रखी गई। करीब डेढ़ से दो घंटे दुबे अफसरों के साथ अलग-अलग गलियों में जाकर स्थिति देखते रहे और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से भी कई जानकारियां लीं।
भागीरथपुरा में टंकी से सप्लाई हुए दूषित पानी के कारण कई लोगों की मौत के बाद मामला सुर्खियों में है। कल उल्टी-दस्त से प्रभावित हुए लोगों को देखने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अफसरों के साथ अस्पताल भी पहुंचे थे और देर रात इस मामले को लेकर उच्च स्तरीय बैठक भी हुई। आज सुबह नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के अपर सचिव संजय दुबे निगम और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र में निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान निगम आयुक्त दिलीपकुमार यादव, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, स्वास्थ्य विभाग के सीएचएमओ डॉ. माधव हसानी से लेकर कई विभागों के अफसर भी साथ थे। उन्होंने भागीरथपुरा की गलियों में पहुंचकर नलों में आ रहे नर्मदा के पानी की जांच भी की। कुछ जगह नलों से पानी भरकर उन्होंने सूंघकर देखा और लोगों से भी पूछा कि पानी साफ आ रहा है या नहीं। पानी में कोई दिक्कत तो नहीं है। इस दौरान उन्होंने रहवासियों से भागीरथपुरा में हुए घटनाक्रम पर भी बातचीत की। इस दौरान कई लोगों ने वहां लाइनों में पिछले कुछ दिनों से आ रहे गंदे पानी की शिकायत की। रहवासियों का कहना था कि कई बार निगम के अफ सरों को मामले की शिकायत की गई, लेकिन उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और इसी के चलते यह हादसा हुआ। कई गलियों में पानी के सप्लाई की स्थिति देखने के बाद वे वहां बने संजीवनी क्लिनिक पर पहुंचे और आवश्यक दवाइयों के स्टॉक से लेकर कई मुद्दों पर चर्चा कर अफसरों को निर्देश दिए।
टंकी से पानी सप्लाई करने से पहले अफसरों ने पांच बार जांचा
आज सुबह भागीरथपुरा पानी की टंकी से घटना के बाद पहली बार पानी सप्लाई करने के दौरान अफसर भी तनाव में नजर आए, क्योंकि अफसरों को आशंका था कि फिर कहीं पानी की लाइनों में लीकेज की लाइन न जुड़ जाए, जिससे दिक्कत हो जाए। इसी कारण वहां पानी सप्लाई के लिए वॉल्व चालू करने के दौरान ही टंकी के आसपास लगे नलों से पानी की स्थिति भी देखी गई और इसके बाद कई अन्य क्षेत्रों में नर्मदा प्रोजेक्ट के सहायक यंत्री और उपयंत्रियों ने लाइनों से सप्लाई हो रहे पानी की जांच भी अपने स्तर पर की, तब जाकर उन्होंने राहत की सांस ली।
स्वास्थ्य केंद्र पर आए मरीजों के रजिस्टर चेक किए
अतिरिक्त मुख्य सचिव दुबे ने वहां बने संजीवनी क्लिीनीक पर पहुंचकर तैनात स्वास्थ विभाग के अफसरों से जानकारी ली कि पिछले 15 दिनों में किन किन रोगों को लेकर लोग वहां पहुंचे और उन्होंने अफसरों से पिछले कई दिनों के रजिस्टर भी मांगे और उन्हें चेक करने के साथ साथ यह पूछा कि कितने मरीज उलटी दस्त को लेकर आए और उनके मामले क्या कार्रवाई की गई। कई रजिस्टरों में नाम पते देखने के साथ साथ अफसरों से पूछा कि कितने मरीजों को किन किन अस्पतालों में भेजा गया। पूरे क्षेत्र में पानी सप्लाई के दौरान निगम के अलावा स्वास्थ विभाग के अधिकारी भी गलियों में तैनात थे और इस दौरान दुबे ने वहां लाइनों के लिकेज सुधारने के लिए निगम द्वारा पिछले दो दिनों से किए गए कार्यो का अवलोकन भी किया। निगम ने अफसरों ने बताया कि कई जगह नई लाइनें बिछाने के काम भी शुुरु कर दिए गए है।
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