
इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की आर्थिक राजधानी इंदौर (Indore) का भागीरथपुरा क्षेत्र (Bhagirathpura Area) इस समय भीषण जल त्रासदी (Water Tragedy) और राजनीतिक गहमागहमी का केंद्र बना हुआ है। दूषित पानी (Contaminated Water) पीने से अब तक 15 लोगों की मौत होने की खबर है, जिसके बाद से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। इस मुद्दे पर अब राजनीति भी गरमा गई है, जहां विपक्ष और सत्तापक्ष के भीतर से ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
राहुल गांधी का तीखा हमला: ‘प्रशासन कुंभकर्णी नींद में’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि “इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बांटा गया और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।” गांधी ने आरोप लगाया कि सीवर का पानी पीने के पानी में मिलना प्रशासन की घोर लापरवाही है। उन्होंने इसे ‘जीवन के अधिकार की हत्या’ करार देते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।

उमा भारती ने अपनों को ही घेरा: ‘पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं’
चौंकाने वाली बात यह है कि बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी अपनी ही पार्टी की सरकार और स्थानीय नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता, या तो प्रायश्चित या दंड!” उमा भारती के इस बयान ने स्थानीय प्रशासन और नेताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय पहुंचे जमीन पर
हालात का जायजा लेने के लिए पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय पार्षद कमल बघेल के साथ भागीरथपुरा पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और अधिकारियों से चर्चा कर स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रण में लेने के निर्देश दिए। हालांकि, क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन डालने के काम के कारण कचरा गाड़ी फंसने जैसी समस्याओं से स्थानीय लोग अब भी परेशान हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है।
मुख्य बिंदु और अनसुलझे सवाल:
भागीरथपुरा की यह घटना इंदौर के “नंबर 1” शहर होने के दावे पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और सुरक्षित पेयजल की गारंटी मांग रही है।
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