
नई दिल्ली (New Dehli) । डॉ. गिरीश चतुर्वेदी का कहना है कि उनके चिकित्सीय (therapeutic) पेशे में यह पहला मामला है. जिसमें किसी मरीज (Patient) की आंख में घुसा (hit the eye) कीड़ा जिंदा निकला हो. आंख में कीड़ा आंसू (worm tear) की नली के पास छेद (hole) करके अंदर घुस गया था. कीड़ा बार-बार बच्चे (Childrn) की आंख में छेद करने का प्रयास कर रहा था. जिससे आंख से खून भी रिसने लगा था.
शिवपुरी जिले में रहने वाले 3 साल के बच्चे की आंख में रात के समय छोटा-सा कीड़ा घुस गया था. कीट ने बालक की आंख की बारीक नसों को कुतर दिया. इसके चलते आंख में घाव भी हो गया था. तकलीफ बढ़ने पर मासूम को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. करीब 15 मिनट के ऑपरेशन के बाद कीड़े को निकाल लिया गया. हैरानी की बात यह रही कि आंख में घुसा कीड़ा जिंदा बाहर निकला.
जिले के पवा बसई गांव का यह मामला है. यहां रहने वाले वीरेंद्र आदिवासी के बेटे कुलदीप (3 साल) की आंख में बीती रात कहीं से एक छोटा सा कीड़ा जा घुसा. बच्चे की जब तकलीफ बढ़ गई और रो-रोकर बुरा हाल हो गया, तब मां-बाप उसे जिला चिकित्सालय शिवपुरी लाए.
अस्पताल में नेत्र चिकित्सक डॉ. गिरीश चतुर्वेदी ने रोगी की जांच की. इसके बाद कुछ देर की ही शल्य क्रिया के बाद कीड़े को आंख से बाहर जिंदा निकाल लिया गया.
डॉ. गिरीश चतुर्वेदी का कहना है कि उनके चिकित्सीय पेशे में यह पहला मामला है. जिसमें किसी मरीज की आंख में घुसा कीड़ा जिंदा निकला हो. आंख में कीड़ा आंसू की नली के पास छेद करके अंदर घुस गया था. कीड़ा बार-बार बच्चे की आंख में छेद करने का प्रयास कर रहा था. जिससे आंख से खून भी रिसने लगा था.
डॉक्टर ने बताया कि बच्चे की आंख से कीड़ा निकालने के लिए छोटा-सा ऑपरेशन करना पड़ा. ऑपरेशन में करीब 15 मिनट का समय लगा. अब बच्चे की आंख बिल्कुल ठीक हो जाएगी. ऑपरेशन के बाद कुछ दवाइयां दी गई हैं. जल्द ही फायदा मिल जाएगा.
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