तेहरान। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान (Tehran) ने एक और सख्त संकेत दिया है। ओमान की मध्यस्थता में प्रस्तावित वार्ता से ठीक पहले ईरान ने अपनी ताकत दिखाते हुए खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल (Khorramshahr-4 ballistic missile) को एक सैन्य अड्डे पर तैनात कर दिया है। इस कदम को अमेरिका के लिए सीधी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस मिसाइल को शुक्रवार को आधिकारिक रूप से तैनात किया। ईरानी सरकारी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक, यह तैनाती IRGC एयरोस्पेस फोर्स के एक नए सैन्य ठिकाने के उद्घाटन के दौरान की गई।
अमेरिका को साफ संदेश: पीछे नहीं हटेगा ईरान
IRGC के राजनीतिक मामलों के उप कमांडर ब्रिगेडियर जनरल यदोल्लाह जावानी ने कहा कि मिसाइल का प्रदर्शन अमेरिका को यह जताने के लिए किया गया है कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं से किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेगा। अल-मायादीन से बातचीत में उन्होंने कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर दुश्मन कोई गलती करता है तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा।”
मस्कट में होगी अमेरिका-ईरान वार्ता
इस बीच, ब्रिगेडियर जनरल जावानी ने यह भी कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ओमान में अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत में पूरे आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को परमाणु वार्ता के लिए ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच चुके हैं।
पृष्ठभूमि में टकराव का इतिहास
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले साल जून में चल रही बातचीत उस समय टूट गई थी, जब इजराइल ने तेहरान पर हमला किया था। इसके बाद 12 दिनों तक चले संघर्ष में अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था। इन हमलों में यूरेनियम संवर्द्धन से जुड़े कई सेंट्रीफ्यूज के नष्ट होने की आशंका जताई गई थी। वहीं, इजराइल ने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और बैलिस्टिक मिसाइल भंडार पर भी हमले किए थे। ऐसे माहौल में खोर्रमशहर-4 की तैनाती ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
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