
डेस्क। ईरान के सेना प्रमुख ने अमेरिका को गंभीर चेतावनी दी है। ईरानी सेना प्रमुख ने कहा है कि अगर अमेरिकी सेना उनके देश में उतरती है तो हमलावरों में से एक भी शख्स जीवित नहीं बचेगा। मेजर जनरल अमीर हातामी ने यह टिप्पणी ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक कार्यक्रम में की है। उन्होंने कहा, “हमारे देश से जंग के साया हटना चाहिए और सभी के लिए सुरक्षा होनी चाहिए।”
इस बीच ईरानी सेना के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेहरान के पास हथियारों और गोला-बारूद के छिपे हुए भंडार मौजूद हैं। ईरानी सेना के ‘खातम अल-अंबिया’ केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फागरी ने यह बयान दिया है। उन्होंने दावा किया, “जिन केंद्रों को आप निशाना बनाने की सोचते हैं, वो महत्वहीन हैं। हमारा रणनीतिक सैन्य उत्पादन उन स्थानों पर होता है जिनके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है और आप वहां कभी नहीं पहुंच पाएंगे।”
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग में हजारों लक्ष्यों को निशाना बनाया है, जिनमें सैन्य अड्डे, मिसाइल लॉन्चर और अन्य स्थल शामिल हैं। फिलहाल, ईरान की ओर से किए जाने वाले मिसाइल हमलों में कमी आई है लेकिन तेहरान अब भी हमले करने में सक्षम है। हाल ही में इजरायली सेना ने सैन्य अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि ईरान और उसके प्रॉक्सी के खिलाफ 4,000 से अधिक टारगेट्स पर हमलों के साथ-साथ 10,000 से ज्यादा आतंकी ठिकानों का निशाना बनाया गया है।
ईरानी मीडिया आउटलेट्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक हवाई हमले में ईरान के पूर्व विदेश मंत्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ये वही मंत्री हैं जिन्होंने एक बार संकेत दिया था कि तेहरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को हुए इस हमले में 81 वर्षीय कमाल खराजी घायल हो गए और उनकी पत्नी की मौत हो गई। यह साफ नहीं हो पाया है कि हवाई हमले का निशाना खराजी थे या उनके आसपास का कोई और इलाका। जंग शुरू होने के बाद खराजी ने CNN के साथ एक बातचीत में कहा था कि उन्हें अब कूटनीति के लिए कोई गुंजाइश नजर नहीं आती क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप दूसरों को धोखा देते रहे हैं और अपने वादों पर खरे नहीं उतरे हैं। जब हम बातचीत में व्यस्त थे, तभी उन्होंने हम पर हमला कर दिया।
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