
वॉशिंगटन. न्यूयॉर्क (New York) में मौजूद ईरानी मिशन (Iranian Mission) ने बुधवार को एक बड़ा बयान दिया है। मिशन ने कहा है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गैर-दुश्मन जहाजों (Non-hostile ships) को गुजरने की अनुमति देंगे। मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि जो जहाज ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं हैं, वे इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान ने इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना होगा। उन्हें सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा। ईरानी रक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि अब इस रणनीतिक रास्ते से गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों से पहले तालमेल करना अनिवार्य है।
ईरान ने दी चेतावनी
सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने यह कदम अमेरिका और इस्राइल की सैन्य गतिविधियों को देखते हुए उठाया है। ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उसके बिजली घरों या ऊर्जा के ठिकानों पर कोई भी हमला हुआ, तो ईरानी सेना इसका तुरंत निर्णायक और विनाशकारी जवाब देगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह रास्ता इतना गहरा और चौड़ा है कि यहां से दुनिया के सबसे बड़े तेल टैंकर आसानी से निकल सकते हैं। यह दुनिया के महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों (चोकपॉइंट्स) में से एक है। इस रास्ते से दुनिया का 20 से 25 प्रतिशत कच्चा तेल निर्यात होता है।
क्या बोले ट्रंप?
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध जीत लिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायु सेना पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। होमलैंड सिक्योरिटी सचिव के शपथ ग्रहण समारोह में ट्रंप ने कहा कि ईरान अब समझौता करना चाहता है। ट्रंप के अनुसार, ईरान का संचार तंत्र और लगभग सब कुछ तबाह हो गया है। उन्होंने कहा कि ईरान की हालत ऐसी है कि कोई भी इस स्थिति में समझौता करना चाहेगा।
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