
टोक्यो. जापान (Japan) में फिर से प्रधानमंत्री (PM) सनाए ताकाइची (Sanae Takaichi) की सरकार बनने जा रही है। प्रधानमंत्री ताकाइची के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन को रविवार के हुए अहम संसदीय चुनाव (parliamentary elections) में दो-तिहाई बहुमत मिल गया है। सत्तारूढ़ गठबंधन को निचले सदन की 465 में से 354 सीटें मिली हैं। जो बहुमत के आंकड़े 233 से काफी अधिक है। सनाए ताकाइची की इस शानदार जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बधाई दी है।
प्रधानमंत्री ताकाइची की सत्तारूढ़ पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) ने 465 सीटों में से 354 सीटों पर दर्ज की है। वहीं, विपक्षी दलों के खाते में अभी तक मात्र 111 सीटें ही आई हैं। ताकाइची ने अक्तूबर में जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। वह व्यक्तिगत रूप से काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन उनकी पार्टी उनकी लोकप्रिय नहीं थी, जिसके बाद ताकाइची ने अचानक से चुनावों का एलान कर दिया था। उनका यह फैसला अब सही साबित हुआ है।
पीएम मोदी ने साने ताकाइची को जीत पर दी बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के प्रतिनिधि सभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने पर ताकाइची को बधाई दी है। सोशल मीडिया पर साझा संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी दुनिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने भरोसा जताया कि सनाे ताकाइची के नेतृत्व में भारत-जापान मित्रता और अधिक मजबूत होगी और दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।
Congratulations Sanae Takaichi on your landmark victory in the elections to the House of Representatives!
Our Special Strategic and Global Partnership plays a vital role in enhancing…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 8, 2026
ट्रंप ने भी दी चुनाव में सफलता की शुभकामनाएं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान में हुए संसदीय चुनाव को लेकर ट्वीट कर प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव जापान के भविष्य के लिए बेहद अहम है। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री ताकाइची ने एक सक्षम, मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रदर्शन किया है और वे अपने देश के प्रति सच्चे रूप से समर्पित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 19 मार्च को वे व्हाइट हाउस में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता के लिए जीत खास
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताकाइची सरकार की दोबारा वापसी को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि भारत, अमेरिका और जापान के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी और नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था को और मजबूती देगा।
बहुमत न मिलने पर किया था ताकाइची ने इस्तीफे का एलान
ताकाइची चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच जापान की अर्थव्यवस्था व सैन्य क्षमता को मजबूत करने वाली दक्षिणपंथी नीतियों को आगे बढ़ाना चाहती हैं। वह अमेरिका के साथ गठबंधन को भी मजबूत बनाए रखना चाहती हैं। ताकाइची को मजाकिया और सख्त मिजाज का माना जाता है। वह युवाओं के बीच वह काफी लोकप्रिय हैं। ताकाइची ने कहा है कि अगर पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर पाई तो वह इस्तीफा दे देंगी। सत्तारूढ़ गठबंधन को विपक्ष के बिखराव का भी लाभ मिल सकता है।
सर्दियों का चुनाव
64 साल की जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री ताकाइची ने पिछले साल के आखिर में सत्ताधारी एलडीपी का नेतृत्व संभालने के बाद से अपनी बढ़ती पर्सनल अप्रूवल रेटिंग का फायदा उठाने के लिए यह जमा देने वाले मौसम यानी सर्दियों का चुनाव किया। ये दांव उनके अपने लिए जीत का सबब बन गया है। वोटर उनके सीधे-सादे, मेहनती इमेज से आकर्षित हुए हैं, लेकिन उनकी राष्ट्रवादी सोच और सुरक्षा पर जोर देने से शक्तिशाली पड़ोसी चीन के साथ संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं, जबकि टैक्स कटौती के उनके वादों ने बाजार को हिला कर रख दिया है।
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