img-fluid

जावेद अख्तर ने अपने फेंक वीडियो पर जताई नाराजगी… दी कानूनी कार्रवाई की धमकी

January 03, 2026

मुम्बई। मशहूर गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने अपने खिलाफ फैलाए जा रहे एक फर्जी ‘डीपफेक’ वीडियो (Fake ‘deepfake’ videos) पर कड़ी नाराजगी जताई है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक AI जेनरेटेड एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्हें सिर पर टोपी पहने दिखाया गया है और दावा किया गया है कि वे अब आस्तिक हो गए हैं। जावेद अख्तर ने शुक्रवार को एक्स पर इस फर्जी वीडियो को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई और साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

वीडियो में दावा किया गया था कि जावेद अख्तर ने आखिरकार “खुदा की राह” अपना ली है। इस पर उन्होंने लिखा, “यह पूरी तरह बकवास है।” उन्होंने कहा कि वे इस फर्जी खबर को बनाने और फैलाने वालों को कोर्ट में घसीटेंगे क्योंकि इससे उनकी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा है।


  • आपको बता दें कि हाल ही में दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जावेद अख्तर और इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती शमाइल नदवी के बीच ‘क्या ईश्वर का अस्तित्व है?’ विषय पर एक गंभीर बहस हुई थी। माना जा रहा है कि इसी चर्चा के बाद उनके विचारों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए यह डीपफेक वीडियो बनाया गया।

    जावेद अख्तर अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो तकनीक के इस गलत इस्तेमाल से परेशान हैं। हाल के दिनों में कई अन्य सितारों ने भी अपनी आवाज उठाई है। कुछ दिनों पहले, भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपनी उन AI जेनरेटेड तस्वीरों की आलोचना की थी जिनमें उन्हें संसद के बाहर साड़ी के बजाय पेंट-सूट में दिखाया गया था। उन्होंने इसे अपनी निजता का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह तय करना उनका अधिकार है कि वे क्या पहनना चाहती हैं।

    वहीं, दिसंबर 2025 में दक्षिण भारतीय अभिनेत्री श्रीलीला और निवेथा थॉमस ने भी अपनी फर्जी तस्वीरों के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। निवेथा ने इसे ‘डिजिटल प्रतिरूपण’ करार देते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही थी।

    भारत में डीपफेक के खिलाफ क्या हैं नियम?
    भारत सरकार ने 2025 के अंत तक डीपफेक और AI जेनरेटेड कंटेंट के लिए कड़े दिशानिर्देश लागू किए हैं। आईटी नियम 2021 (संशोधित) के तहत प्लेटफॉर्म्स को शिकायत मिलने के 36 घंटे के भीतर ऐसी भ्रामक सामग्री हटानी होती है। सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि सभी AI-जनित फोटो या वीडियो पर कम से कम 10% हिस्से में यह स्पष्ट लिखा होना चाहिए कि यह ‘सिंथेटिक’ या ‘AI जेनरेटेड’ है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मानहानि और जालसाजी के लिए जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

    Share:

  • बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान के मामले में KKRऔर BCCI आमने-सामने, जानें क्या है वजह

    Sat Jan 3 , 2026
    नई दिल्ली. बांग्लादेश (Bangladesh)  के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान (Mustafizur Rahman) अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में भाग नहीं ले पाएंगे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने इंडिया टुडे से बात करते हुए इसकी पुष्टि की. सैकिया ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बीसीसीआई ने कोलकाता नाइट राइडर्स […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    Warning: Undefined variable $day_rashi in /home/agniban/public_html/wp-content/themes/agniban-site3/asidebar.php on line 90Warning: Trying to access array offset on null in /home/agniban/public_html/wp-content/themes/agniban-site3/asidebar.php on line 90
    Warning: Trying to access array offset on int in /home/agniban/public_html/wp-content/themes/agniban-site3/asidebar.php on line 106 का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved