
डेस्क: तेलंगाना (Telangana) में कांग्रेस सरकार (Congress Goverment) के खिलाफ भारत राष्ट्र समिति (Bhaarat Raashtr Samiti) ने हमला बोला है. BRS नेता केटीआर (Leader KTR) ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (CM Revanth Reddy) पर किसानों (Farmers) और युवाओं (Youth) के साथ धोखा करने का आरोप लगाया. केटीआर ने दावा किया कि पिछले 18 महीनों में कांग्रेस के “अराजक शासन” के कारण 670 किसानों ने आत्महत्या की, जिसके लिए बीआरएस नेताओं ने एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी.
केटीआर ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावी वादों को पूरा नहीं किया. 70 लाख किसानों और लाखों परिवारों को धोखा दिया गया. रेवंत रेड्डी ने 420 वादों और छह गारंटियों की बात की, लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं हुआ.” उन्होंने रेवंत पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को बेसिक नॉलेज तक नहीं है और वह केवल गालियां देना और चिल्लाना जानते हैं. केटीआर ने रेवंत को चुनौती दी थी कि वह 8 जुलाई को प्रेस क्लब में किसानों और युवाओं के मुद्दों पर बहस करें, लेकिन रेवंत दिल्ली चले गए. केटीआर ने कहा, “रेवंत को बहस करने की हिम्मत नहीं, वह केवल हंगामा करना जानते हैं.”
BRS ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना के हित के खिलाफ काम कर रहे हैं. केटीआर ने दावा किया कि रेवंत, अपने “गुरु” चंद्रबाबू नायडू के इशारे पर, तेलंगाना के कृष्णा और गोदावरी नदियों का पानी आंध्र प्रदेश को दे रहे हैं. उन्होंने कहा, “पोतिरेड्डीपाडु से पानी चोरी-छिपे ले जाया जा रहा है और रेवंत आंखें मूंदे हुए हैं.” इसके अलावा, उर्वरकों की कमी, बिजली कटौती और पुराने “दुर्दिनों” की वापसी का आरोप भी लगाया गया.
केटीआर ने रेवंत पर सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डालने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एक बहुजन कार्यकर्ता नल्लबालु को सोशल मीडिया पोस्ट रीट्वीट करने के लिए गिरफ्तार किया गया. बीआरएस ने रेवंत को “पैसीएम” करार दिया और कहा कि वह अपनी कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली को “पैसों की बोरी” भेज रहे हैं. नई जानकारी के अनुसार, बीआरएस ने रेवंत को दोबारा बहस की चुनौती दी है. केटीआर ने कहा, “स्थान, समय और तारीख आप तय करें, हम तैयार हैं.” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रेवंत बहस से भागे तो उन्हें बीआरएस नेता केसीआर से माफी मांगनी होगी.”

©2026 Agnibaan , All Rights Reserved