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भारत-चीन के बीच LAC पर लम्बे समय से चली आ रही तनातनी, जानें क्या है वजह

December 14, 2022

नई दिल्ली। भारत (India)-चीन (China) के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) (Line of Actual Control (LAC)) की लंबाई 3,488 किलोमीटर लंबी है। वहीं, चीन इसकी लंबाई 2,000 किलोमीटर ही मानता है। एलएसी को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनातनी (Tension between India and China) चली आ रही है। दोनों देशों के बीच कई बार सैन्य स्तर की बातचीत के बावजूद तनाव जारी है। साल 1996 में हुए एक समझौते (agreement in 1996) के तहत सीमा के पास बंदूकों और विस्फोटकों के इस्तेमाल पर रोक लगी हुई है।


  • दरअसल, भारत पश्चिमी सेक्टर (western sector) में अक्साई चीन (Aksai Chin) पर अपना दावा करता है जो फिलहाल चीन के नियंत्रण में है। वहीं, चीन पूर्वी सेक्टर में अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है। चीन के अनुसार ये दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। चीन, तिब्बत और अरुणाचल प्रदेश के बीच की मैकमोहन रेखा (McMahon Line) को भी नहीं मानता है।

    तीन क्षेत्रों में विभाजित है एलएसी
    भारत-चीन के बीच एलएसी को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। पहला पूर्वी क्षेत्र जो अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम तक फैला है। दूसरा मध्य क्षेत्र जो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगता है और तीसरा लद्दाख में पश्चिमी क्षेत्र। तीनों ही क्षेत्र पहाड़ी हैं, जिनमें कई ग्लेशियर, बर्फ के रेगिस्तान, पहाड़ और नदियां पड़ते हैं।

    किस राज्य से कितनी लगती है चीन की सीमा
    जम्मू-कश्मीर- 1,597 किमी
    हिमाचल प्रदेश- 200 किमी
    उत्तराखंड- 345 किमी
    सिक्किम- 220 किमी
    अरुणाचल प्रदेश- 1,126 किमी
    कुल 3,488

    45 साल में पहली बार गलवान में हुई थी हिंसक झड़प
    15-16 जून 2020: पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में स्थित गलवान घाटी में मध्य रात्रि के दौरान हिंसक झड़प हुई थी। भारत के एक कमांडर समेत 20 सैनिक शहीद हो गए थे, कई सैनिक घायल भी हुए थे। साल 1975 के बाद दोनों देशों के बीच इस तरह की पहली झड़प थी।

    अगस्त 2020: भारत ने चीन पर एक सप्ताह के भीतर दो बार सीमा पर तनाव भड़काने का आरोप लगाया था। चीन ने दोनों आरोपों से इनकार किया और गतिरोध के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया।

    सितंबर 2020: चीन ने भारत पर अपने सैनिकों पर गोलियां चलाने का आरोप लगाया था। भारत ने चीन पर हवा में फायरिंग करने का आरोप लगाया।

    20 जनवरी 2021: उत्तरी सिक्किम के नाकु ला में हुई झड़प में कुछ सैनिकों के घायल होने की खबर आई थी। वहीं, भारतीय सेना के अनुसार एक मामूली झड़प हुई थी और इसे स्थानीय कमांडरों द्वारा स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार हल किया गया था।

    9 दिसंबर 2022: ताजा झड़प अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हुई है। इसमें भारत के छह सैनिक घायल हुए हैं। साथ ही, चीन के भी कई सैनिक घायल हुए हैं।

    इतिहास में कब-कब भिड़े भारत और चीन
    1962: भारत-चीन के बीच एक ही बार युद्ध 1962 में हुआ है। लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक हुई यह लड़ाई करीब एक महीने चली थी। इस युद्ध के दौरान चीन ने भारत की काफी जमीन हड़प ली थी।

    1967: सिक्किम बॉर्डर पर नाथु ला में दोनों देशों के कई सैनिकों की जान गई थी। संख्या के बारे में दोनों देश अलग-अलग दावे करते हैं।

    1975: अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना ने भारतीय सेना के गश्ती दल पर हमला किया था। चीन की ओर से इस तरह का घातक हमला उसके बाद 2020 में गलवान में किया गया।

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