
इंदौर। तिथियों की घट-बढ़ के कारण आज उदयातिथि में नवरात्रि के तहत महाअष्टमी और नवमी मनाई जा रही है। शहर के देवीधामों सुबह से भगवती का अभिषेक कर अनुष्ठान आयोजित किए गए। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागीदारी की। मातारानी का आकर्षक श्रृंगार किया गया।
प्राचीन बिजासन माता मंदिर में आज अलसुबह से हजारों भक्तों ने महाअष्टमी के अवसर पर अपनी कुलदेवी के दर्शन किए। वहीं मां अन्नपूर्णा मंदिर, हरसिद्धि माता मंदिर, सुभाष चौक दुर्गामाता मंदिर, मां महालक्ष्मी मंदिर राजबाड़ा, कालिकामाता मंदिर खजराना, मां वैष्णोदेवी मंदिर लालबाग, कैलादेवी मंदिर राजमोहल्ला, विद्याधाम मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों में दर्शनों के लिए भक्तों की लम्बी कतारें लगी रहीं। आज अष्टमी पर मां महागौरी की विशेष रूप से आराधना की गई। वहीं घर-घर में लोगों ने अपनी कुल परंपरा के अनुसार अपनी कुलदेवियों का पूजन किया। नन्ही-नन्ही बालिकाओं के पैर पूजन कर उन्हें श्रद्धा से भोजन कराकर उपहार व नवीन वस्त्र भेंट किए गए। आज महाअष्टमी और महानवमी का एक दुर्लभ संयोग बनने से दो दिनों के अनुष्ठान सुबह और दोपहर बाद आयोजित किए गए।

आज उदयातिथि में अष्टमी… सुबह 10.51 बजे तक फिर नवमी
आज अष्टमी तिथि सुबह 10 बजकर 52 मिनट तक व्याप्त रही। भक्तों ने उदयातिथि में अष्टमी व्रत, कन्या पूजन और हवन जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए। वहीं अनेक परिवारों में नवमी का पूजन आज दोपहर बाद किया। कल 20 अक्टूबर को दोपहर 12.50 बजे से दशमी तिथि प्रारंभ होगी और सायंकाल रावण दहन किया जाएगा और शहरभर में विजय उत्सव मनाया जाएगा।
कन्या पूजन करने से होता है अहंकार का नाश, भेदभाव होता है समाप्त
जब भक्त नन्ही बालिकाओं और मासूम बच्चों के पैर धोते हैं और उन्हें दंडवत कर अपने हाथों से भोजन कराते हैं तो इससे मन का अहंकार और भेदभाव समाप्त होता है और विनम्रता आती है। कन्या पूजन केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं है, बल्कि समाज में स्त्री शक्ति के आदर, कन्या भ्रूण हत्या के विरोध और बालिकाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करता है।
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