
नई दिल्ली । देशभर में 12 ज्योतिर्लिंगों सहित शिवालयों में (In Shiva Temples across the Country, including the 12 Jyotirlingas) महाशिवरात्रि पर्व मनाया गया (Mahashivratri was Celebrated) । आधी रात से ही दर्शन-पूजन करने के लिए भक्त पहुंचते रहे ।
मध्यप्रदेश में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पट रात 2:30 बजे से खुल गए और लगातार 44 घंटे दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा । इस दौरान शयन आरती नहीं होगी। 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे साल में एक बार होने वाली भस्म आरती भी होगी। महाकाल का दूल्हे के रूप में शृंगार करने के लिए 3 क्विंटल फूल मंगाए गए । 100 किलो आंकड़े के फूल, सवा लाख बेल पत्र और 200 किलो देसी फूल से 11 फीट का सेहरा बनाया गया । मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में मंदिर को रात 3 बजे से दर्शन के लिए खोला गया, जहाँ 24 घंटे लगातार पूजन चलेगा।
उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ में रात 2:15 बजे मंगला आरती की गई और 3:30 बजे मंदिर आम जनता के लिए खुल गया। मंदिर के बाहर भक्तों की कई किलोमीटर लंबी कतार लगी रही ।
झारखंड में देवघर के बाबाधाम में शनिवार को पंचशूलों की विशेष पूजा और पुनर्स्थापना की गई। रविवार को शिव बारात निकाली गई और बाबा बैद्यनाथ मंदिर में शिव-पार्वती विवाह हुआ । यहाँ दर्शन के लिए सुबह 4:25 बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा ।
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