
मुरैना। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) में बड़ा हादसा हो गया है। सोमवार दोपहर बजरंगगढ़ क्षेत्र के अहरौली गांव में स्थित चामड़ माता मंदिर की छत अचानक गिर गई। इस हादसे में मलबे में दबने से 3 मासूम बच्चियों की जान चली गई, जबकि एक दंपती सहित तीन अन्य बच्चियां गंभीर रूप से घायल हैं।
कन्याभोज के दौरान मलबे में बदली खुशियाँ
मिली जानकारी के अनुसार, अहरौली गांव निवासी सतीश गौड अपनी पत्नी पृथ्वी के साथ चामड़ माता मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और प्रसाद चढ़ाने आए थे। पूजा संपन्न होने के बाद परंपरा के अनुसार कन्याभोज और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होना था। सतीश ने गांव की कुछ बच्चियों को मंदिर के भीतर बुलाया।
जैसे ही बच्चियां मंदिर के अंदर बैठीं, निर्माणाधीन गुंबद के लिए तोड़ी जा रही पुरानी छत की पटिया चटक गई और छत नीचे गिर पड़ी। देखते ही देखते मंदिर का परिसर चीख-पुकार में बदल गया। बताया जा रहा है कि चामड़ माता मंदिर में नया गुंबद बनाने का काम चल रहा था। इसके लिए पुरानी छत को हटाने की प्रक्रिया जारी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि छत कमजोर थी और भारी काम की वजह से वह लोड नहीं सह सकी।
मृतक और घायलों की सूची
इस भीषण हादसे ने गांव में मातम पसरा दिया है। मरने वाली बच्चियों में दो सगी बहनें भी शामिल हैं।
इन मासूमों ने गंवाई जान
वैष्णवी सिकरवार (11 वर्ष) – पुत्री जीतू सिकरवार
छाया गोस्वामी (7 वर्ष) – पुत्री अशोक गोस्वामी
करिश्मा गोस्वामी (9 वर्ष) – पुत्री अशोक गोस्वामी
हादसे में गंभीर रूप से घायल
गुंजन (12 वर्ष), परी (8 वर्ष), विद्या (6 वर्ष) – तीनों योगेंद्र सिंह की पुत्रियां।
सतीश गौड और उनकी पत्नी पृथ्वी गौड।
प्रशासनिक कार्रवाई और रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से मलबे को हटाया गया और घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मुरैना एसपी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना है। साथ ही, मंदिर निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई है या नहीं, इसकी विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

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