
नई दिल्ली: ईरान में हाल ही में हुए भीषण हमले (attack) ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जहां अमेरिकी और इजरायली(American and Israeli) कार्रवाई (action) में देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Supreme Leader Ali Khamenei)की मौत की खबर ने राजनीतिक भूचाल (Political Upheaval) दिया। वहीं इस हमले से जुड़ी एक और चौंकाने वाली कहानी (story) सामने आई है, जिसमें उनके बेटे मोजतबा खामेनेई की जान बाल-बाल बचने का दावा किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला इतना सटीक और विनाशकारी था कि खामेनेई के आवास और कार्यालय परिसर को निशाना बनाते हुए तीन अलग अलग मिसाइलें दागी गईं बताया जा रहा है कि इन हमलों में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और परिवार के सदस्य भी मारे गए जिनमें सेना प्रमुख मोहम्मद शिराजी का नाम भी शामिल है जिनकी पहचान बाद में अवशेषों के आधार पर की गई
घटना से जुड़ी एक लीक ऑडियो क्लिप ने पूरे घटनाक्रम को और भी रहस्यमय बना दिया है इस ऑडियो में दावा किया गया है कि हमले से ठीक पहले मोजतबा खामेनेई किसी काम से अपने आवास से बाहर निकल गए थे यही वजह रही कि वह इस भीषण विस्फोट से बच गए बताया गया कि जैसे ही वह सीढ़ियों के पास पहुंचे उसी दौरान पहला धमाका हुआ जिसने पूरे परिसर को हिला दिया
हमले में एक मिसाइल सीधे अली खामेनेई के आवास पर गिरी जबकि दूसरी मोजतबा के घर को निशाना बनाकर दागी गई तीसरी मिसाइल उनके रिश्तेदार मिसबाह अल हुदा बाघेरी के घर पर गिरी जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई इस हमले की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई शव पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे
इस पूरे घटनाक्रम के बाद ईरान में सत्ता को लेकर तेजी से घटनाएं बदलीं और मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता घोषित कर दिया गया हालांकि उनकी सेहत और स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वह भी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं जबकि कुछ ने उनकी मौत तक की बात कही
इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट बयान दिया कि मोजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं और मजबूती के साथ देश का नेतृत्व कर रहे हैं उन्होंने कहा कि सर्वोच्च नेता पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी चर्चा में है जिसमें उन्होंने मोजतबा को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कही है इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है
पूरे मामले ने मध्य पूर्व की राजनीति को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है जहां एक तरफ सत्ता परिवर्तन हुआ है वहीं दूसरी तरफ हमले के पीछे की रणनीति और समय को लेकर कई सवाल अब भी बने हुए हैं मोजतबा खामेनेई का इस हमले से बचना कुछ लोगों के लिए चमत्कार माना जा रहा है तो कुछ इसे महज संयोग बता रहे हैं लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में इस घटना के दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं
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