
नई दिल्ली. पाकिस्तान (Pakistan) स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) की ओर से जारी धमकी भरे ऑडियो संदेश के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हालांकि, एजेंसियों का मानना है कि यह धमकी किसी बड़े हमले की तैयारी से ज्यादा संगठन की कमजोर हालत और हताशा को दिखाती है। भारत हर संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मसूद अजहर ने एक ऑडियो संदेश जारी कर दावा किया है कि हजारों आत्मघाती हमलावर भारत में घुसने के लिए तैयार हैं। यह ऑडियो किसी रैली में दिए गए भाषण का बताया जा रहा है। हालांकि, इसके जारी होने की तारीख और स्थान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। संदेश में हमले की धमकी देकर डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई है।
सुरक्षा एजेंसियां इसे हताशा क्यों मान रही हैं?
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हाल के समय में जैश-ए-मोहम्मद की ताकत काफी कमजोर हुई है। आतंकी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है और संगठन बिखराव की स्थिति में है। ऐसे में मसूद अजहर का यह ऑडियो अपने लड़खड़ाते संगठन में दोबारा जान फूंकने की कोशिश माना जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञ क्या संकेत दे रहे हैं?
ऑडियो संदेश में ठोस योजना या लक्ष्य का जिक्र नहीं है।
धमकी का लहजा डर और बौखलाहट को दिखाता है।
हालिया कार्रवाइयों में जैश के कई ठिकाने तबाह हुए हैं।
मसूद अजहर के परिवार के 10 लोगों के मारे जाने की बात सामने आई है।
कमजोर स्थिति को छिपाने के लिए धमकी दी जा रही है।
भारत की तैयारी कितनी मजबूत है?
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा और संवेदनशील इलाकों में निगरानी पहले से ज्यादा बढ़ा दी गई है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। खुफिया तंत्र पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी साजिश को शुरुआती चरण में ही नाकाम करने की रणनीति पर काम हो रहा है।
धमकी का असली मकसद क्या माना जा रहा है?
कहा जा रहा है मसूद अजहर की धमकी का असली उद्देश्य भारत में डर फैलाना नहीं, बल्कि अपने समर्थकों को यह दिखाना है कि संगठन अब भी सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि यह ऑडियो एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश है, न कि किसी तत्काल हमले का संकेत।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved