
भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कांग्रेस ने भंवर जितेंद्र सिंह (Bhanwar Jitendra Singh) की जगह राजस्थान से ही आने वाले हरीश चौधरी (Harish Chowdhary) को नया प्रभारी बनाया है. जो राहुल गांधी की टीम के अहम हिस्सा माने जाते हैं. ऐसे में एमपी का प्रभार मिलने के बाद अब भोपाल में कांग्रेस पार्टी के अंदर मैराधन बैठकों के दौर चल रहा है. गुरुवार को एक बार फिर हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई है, जिसमें एक बार फिर संगठन में बदलाव होने के संकेत मिले हैं.
बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में आने वाले दिनों में कई जिलों में जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं. भोपाल पहुंचे एमपी कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी से पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के साथ एमपी कांग्रेस के जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा की है. इस चर्चा के बाद अंदर खाने से यह बात सामने आई है कि अब बदलाव की तैयारी जिला लेवल से हो सकती है.
क्योंकि कई नेताओं ने तो सीनियर नेताओं के सामने अपना गुस्सा भी निकाला है. बताया जा रहा है कि हरीश चौधरी ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी से सभी चीजों पर खास काम करने की बात कही है, हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है जब मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन में बदलाव की बात कही गई हो, इससे पहले भी जिलाध्यक्षों के बदले जाने की बात सामने आ चुकी है.
बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी कई जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां कर सकते हैं, जिसमें उम्र का क्राइटेरिया भी तय किया जाएगा. बताया जा रहा है कि इस बार 45 साल से कम उम्र के नेताओं को ही जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. यह बात खुद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कही है, उन्होंने कहा कि संगठन को उपर से लेकर नीचे तक मजबूत करना है.
इसलिए जिलाध्यक्षों के चयन में भी इस बार बदलाव दिखेगा. भोपाल में हुई इस बैठक में देवास, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी, रतलाम के अलावा इंदौर और भोपाल जिले के नेताओं की बैठक ली गई है. जबकि आने वाले दिनों में और भी जिलों की बैठकें संभाग के हिसाब से होगी.
संगठन में बदलाव को लेकर एमपी कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी एक-एक जिलों की जमीनी स्थिति जानने के लिए प्रदेश का दौरा भी करेंगे. इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी इन दौरों में साथ रहेंगे. क्योंकि प्रदेश में बड़े बदलाव के पहले कांग्रेस सभी चीजों पर काम करना चाहती है.
बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव को छोड़कर पिछले पांच चुनावों में पार्टी विधानसभा में 100 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई है. ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सभी संगठन में बदलाव करने की तैयारियों में अभी से जुट गई है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved