
शिलांग। मेघालय (Meghalaya) के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध (Illegal) कोयला खदान (coal mine) में डायनामाइट विस्फोट (Dynamite explosion) में 18 लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है। यह कोयला खदान जिले के मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके में है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवाजा देने की घोषणा की है।
पुलिस ने क्या कहा?
पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि दूरदराज के इलाके में स्थित इस खदान से चार शव बरामद किए गए हैं और एक झुलसे हुए व्यक्ति को उपचार के लिए शिलांग भेजा गया है।
अमित शाह ने सीएम संगमा से की बात, केंद्र की मदद का भरोसा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा से बातचीत कर पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में कोयला खदान विस्फोट की स्थिति की जानकारी ली। हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई है। शाह ने राज्य को हरसंभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया।
सीएम संगमा ने पीएम मोदी का जताया आभार
मुख्यमंत्री संगमा ने इस त्रासदी पर संवेदना जताने और राहत देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायल को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है। वहीं, मेघालय सरकार ने मृतकों के निकटतम परिजन को तीन लाख रुपये देने का एलान किया है। संगमा ने कहा कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। एक घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना को लेकर अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और दमकल व आपात सेवाओं की टीमें मौके पर भेजी गईं।
उन्होंने कहा कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, जिस पहाड़ी में अवैध खनन हो रहा था, विस्फोट के बाद उसका एक हिस्सा धंस गया, जिससे और खनिकों के फंसे होने की आशंका है।
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
दिसंबर 2025 में भी हुआ था ऐसा ही विस्फोट
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब जिले में अवैध कोयला खनन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इसी थांग्स्को इलाके में पिछले साल 23 दिसंबर को भी ऐसा ही डायनामाइट विस्फोट हुआ था। उस विस्फोट में दो खनिकों की मौत हो गई थी।
तब पुलिस शुरू में विस्फोट की खबरों को बेबुनियाद बताया था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य में अवध कोयला खनन और उसके परिवहन की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय समिति (सेवानिवृत्त जज बीपी काटेकी समिति) ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। मेघायल के मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया था और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी।
इससे पहले 14 जनवरी को असम के होजाई जिले में भी अवैध कोयला खदान में हादसा हुआ था। उसमें जिले के जमुना मौदंगा निवासी मौसाद अली (48 वर्षीय) की मृतक के रूप में पहचान हुई थी, जो उम्थे गांव के निवासी थे। पुलिस ने उस घटना की पुष्टि की थी। वह मामला भी जस्टिस काटेकी समिति की जांच के दायरे में आया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने घटना पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयला खदान में विस्फोट की घटना पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम मोदी के हवाले से कहा, मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं। अपनो को खोने वालों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। पीएम मोदी ने घोषमा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
एनडीआरएफ की तीन टीमें मौके पर भेजी गईं: अधिकारी
अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई और कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। बचाव अभियान चलाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की तीन टीमें भेजी गई हैं। खदान में विस्फोट की घटना पर प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दुख जताया है।

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