मुंबई। पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं (Hindus in Bangladesh) की स्थिति को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने रविवार को अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू अपने अधिकारों के लिए जागरूक होकर संगठित होते हैं, तो दुनिया भर के हिंदू समुदाय उनके समर्थन में खड़े होंगे।
मुंबई में आयोजित आरएसएस की लेक्चर सीरीज़ ‘संघ की 100 साल की यात्रा : नए क्षितिज’ को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि बांग्लादेश में लगभग 1.25 करोड़ हिंदू रहते हैं और उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा।
संघ प्रमुख ने बांग्लादेश के मौजूदा हालात का ज़िक्र करते हुए कहा कि अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री शेख हसीना के निर्वासन के बाद से वहां स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं।
अवैध प्रवासियों की पहचान की अपील
अपने संबोधन में मोहन भागवत ने देश में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अवैध प्रवासियों की पहचान करें और इसकी जानकारी पुलिस को दें। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को रोजगार भी नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि एसआईआर (स्पेशल आइडेंटिफिकेशन रिव्यू) की प्रक्रिया के तहत देश में रह रहे विदेशियों की पहचान पहले से ही की जा रही है। मोहन भागवत ने कहा कि सरकार को अवैध प्रवास रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने होंगे, जिनमें पहचान और डिपोर्टेशन शामिल है। हालांकि अब इस दिशा में काम शुरू हो चुका है और आने वाले समय में इसकी गति और तेज़ होगी।

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