
विदिशा: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में भाजपा चौथी बार सत्ता में लौटी तो उसके पीछे सबसे बड़ा सहारा भाजपा की गेम चेंजर योजना लाडली बहना योजना को माना गया. लेकिन अब इसी योजना पर भाजपा के अपने ही विधायक सवाल उठाने लगे हैं. विदिशा जिले के कुरवाई से भाजपा विधायक हरि सिंह सप्रे (BJP MLA Hari Singh Sapre) का विवादित बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने लाडली बहना योजना को “फ्री फंड में पैसा बांटना” करार दे दिया.
भाजपा नेताओं के विवादित बोल लगातार सियासत का नया मुद्दा बन रहे हैं. ताज़ा मामला कुरवाई का है, जहां विधायक हरि सिंह सप्रे ने मंच से कहा कि सरकार महिलाओं को यूं ही मुफ्त में पैसा बांट रही है. उनका यह बयान न सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, बल्कि भाजपा की ही योजना पर विपक्ष को हमले का मौका भी मिल गया है.
दरअसल 27 सितंबर को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव कुरवाई पहुंचने वाले हैं और उसी को लेकर विधायक हरि सिंह सप्रे जगह-जगह जाकर लोगों से अपील कर रहे हैं कि अधिक से अधिक मात्रा में मुख्यमंत्री को सुनने आएं और इसी बीच उन्होंने सिरोंज क्षेत्र में मंच से लाडली बहनों को मिलने वाली राशि को व्यर्थ बता दिया.
विधायक यही नहीं रुके उन्होंने खेती की कटाई में जा रही महिलाएं को मजाकिया अंदाज में धमकी ही दे डाली की कटाई में नहीं जाना है मुख्यमंत्री आ रहे हैं. 1 दिन के लिए सब काम बंद कर दो मेरे घर में एक सर्च लाइट है मैं बता दूंगा कौन क्या कर रहा है. 12 तिया 36 और डेढ़ साढ़े सैंतीस सौ रुपैया फ्री फंड के… तुम बई की केन लगियों हमरी सरकार से अनुबंध करो थो का…. कम से कम उनकी निभा लो…. बहने कम से कम भां जाके मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में….एक दिन सब काम बंद होंगे…मेरो फोन चलोगे कटाई मटाई कहीं होत दिख गई तो समझ लइयो तुम औरे….कोई कटाई नहीं होएगी, प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जी आ रहे हैं….और मोपे एक सर्च लाइट है बता दऊं साढ़े तीन सौ किलो मीटर तक कैंच करते मेरे घरे है…तो सब जगे देख लऊं के कौन का कर रओ है.
दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश की एक करोड़ 26 लाख महिलाओं को हर महीने 1200 रुपए दे रही है. वहीं घोषणा यह भी की है कि दिवाली से यह रकम 1500 हो जाएगी. प्रदेश के मुखिया मोहन यादव मां से कई बार कह चुके हैं यह रकम 3000 तक हो जाएगी. यही वजह है कि कांग्रेस विधायक के बयान और सरकार की मंशा पर सवाल उठाते नजर आ रही है.
कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल कहते हैं कि यह विधायक के बोल नहीं यह बीजेपी की मानसिकता है,सरकार एहसान जाता रही है राशि देकर,वादा 3000 का किया और दे 1200 रहे हैं,बीजेपी करती कम बताती ज्यादा है और जो करती है उसका एहसान ज्यादा जताती है,आम जनता को डराती और धमकाती है यही बीजेपी का असली चरित्र है
लाडली बहना योजना भाजपा की रीढ़ मानी जा रही है, लेकिन अब उसी योजना को लेकर भाजपा नेताओं के बयान पार्टी को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं . सवाल यह है कि महिलाओं के वोट से सत्ता की सीढ़ियां चढ़ने वाली भाजपा क्या अपने ही नेताओं की जुबान पर काबू रख पाएगी या फिर लाडली बहना योजना का श्रेय लेने से पहले उसे अपने ही बयानवीर नेताओं से जंग लड़नी पड़ेगी.

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