
अभी भी ड्रेनेज विभाग और नर्मदा प्रोजेक्ट की टीम कई बड़ी लाइनों के कार्य पूरे कराने में जुटी
इंदौर। भागीरथपुरा (Bhagirathpura) में हुए दूषित जलकांड (contaminated water scandal) के बाद नगर निगम (Municipal council) के अमले ने उसके बाद से वहां मोर्चा संभालकर कई कार्य शुरू कराए थे। इनमें बड़े पैमाने पर नर्मदा और ड्रेनेज की लाइनें बदलने के साथ साथ ड्रेनेज चेंबरों को नए बनाने के साथ-साथ कई जगह सफाई के कार्य भी कराए गए थे। अब तक ऐसे 200 से ज्यादा चेंबरों को सुधारा जा चुका है और एक दर्जन लाइनें भी बदल दी गई हैं। कुछ मुख्य मार्गो की लाइनों को बदलने के कार्य अभी जारी है।
भागीरथपुरा में हुए घटनाक्रम के दूसरे दिन से ही नगर निगम के अमले ने क्षेत्र में डेरा डालकर कई गलियों में लाइनों के सुधार कार्य शुरू करा दिए गए थे और रफेली गली से लेकर मेडिकल स्टोर, खटीक मोहल्ला सहित नाले के किनारे के दर्जनों इलाकों में बने इलाकों में चेंबरों की सफाई करने के साथ-साथ कई जगह टूटे चंबरों को पूरी तरह ध्वस्त कर नए बनाए गए। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक एक माह के अंतराल में भागीरथपुरा की करीब 45 से ज्यादा गलियों में चेंबरों की सफाई से लेकर कई कार्य पूरे कर लिए गए हैं और अभी भी नर्मदा प्रोजेक्ट और ड्रेनेज विभाग द्वारा मुख्य मार्ग पर लाइनें बिछाई जा रही है। इसके अलावा एमआर 4 से मिलने वाली ड्रेनेज और नर्मदा लाइन को भी बदला जा रहा है। यह बड़ा कार्य है, इसलिए इसमें समय लग रहा है, लेकिन अधिकारियों की टीम वहां मॉनिटिरिंग कर तेजी से काम पूरे करा रही है। अफसरों का दावा है कि 200 से ज्यादा चेंबरों को सुधारने से लेकर नए बनाने के कार्य भागीरथपुरा में किए गए हैं और एक दर्जन नर्मदा और ड्रेनेज की लाइनें बदली गर्इं। कुछ कार्याे के शॉर्ट टेंडर निकालकर वहां काम तेजी से शुरू कराए गए हैं, ताकि पानी की दिक्कतें दूर हो सके। अभी भी वहां नर्मदा लाइनों के कई कार्य चल रहे हैं, जिसके चलते कई क्षेत्रों में पानी सप्लाई पूरी तरह बंद कर रखा है। कुछ इलाकों में टंकी से पानी सप्लाई किया जा रहा है और उसकी भी निगरानी हो रही है।
लाइनों के काम पूरे होने के बाद बनेंगी नई सडक़ें
भागीरथपुरा में नर्मदा और ड्रेनेज लाइनों के लिए पूरे क्षेत्र में खुदाई कर सडक़ों का हुलिया बिगाड़ दिया गया है। कई गलियों में तो पूरी सडक़ें खस्ताहाल हो रही हैं। पूरे क्षेत्र में जाने के लिए छोटी-छोटी गलियां हैं और वहां रहने वाले सडक़ें खुदी होने के कारण परेशान हैं। अफसरों का कहना है कि ड्रेनेज और नर्मदा लाइनों के काम पूरे होने के बाद कई जगह नई सडक़ें बनाई जाएंगी तो कुछ जगह सडक़ों की मरम्मत के कार्य कराए जाएंगे।
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