
भोपाल। स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के अवसर पर मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की जेलों में आजीवन कारावास की सजा (life imprisonment in prisons) काट रहे 177 बंदियों को रिहा किया जाएगा। इनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। इन बंदियों को मध्यप्रदेश शासन, जेल विभाग की रिहाई नीति-2022 के अंतर्गत सजा में छूट प्रदान की जा रही है। हालांकि, बलात्कार और पाक्सो अधिनियम से संबंधित अपराधों में दंडित बंदियों को इस रिहाई में शामिल नहीं किया गया है। रिहाई प्रक्रिया सरकार की 22 सितंबर 2022 की नीति के तहत सजा में छूट प्रदान करके की जा रही है।
जेल विभाग द्वारा बुधवार देर जानकारी देते हुए बताया गया कि इन बंदियों को जेल में सजा काटने के दौरान टेलरिंग, कारपेन्ट्री, लौहारी, भवन मिस्त्री, भवन सामग्री निर्माण आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, ताकि रिहा होने के पश्चात ये जीवकोपार्जन के साधन अर्जित कर सकें और समाज में पुनः स्थापित हो सकें। जेल विभाग के अधिकारी मंशाराम पटेल ने बताया कि सरकार हर साल 15 अगस्त को कुछेक कैदियों को उनके अच्छे आचरण और अन्य मापदंडों के आधार पर रिहा करती है।
किस जेल से कितने बंदी हो रहे रिहा
1. केन्द्रीय जेल, उज्जैन – 19 बंदी
2. केन्द्रीय जेल, सतना – 24 बंदी
3. केन्द्रीय जेल, नर्मदापुरम – 16 बंदी
4. केन्द्रीय जेल, बड़वानी – 06 बंदी
5. केन्द्रीय जेल, ग्वालियर – 20 बंदी
6. केन्द्रीय जेल, जबलपुर – 19 बंदी
7. केन्द्रीय जेल, रीवा – 14 बंदी
8. केन्द्रीय जेल, सागर – 04 बंदी
9. जिला जेल, टीकमगढ़ – 04 बंदी
10. केन्द्रीय जेल, नरसिंहपुर – 15 बंदी
11. केन्द्रीय जेल, इंदौर – 18 बंदी
12. केन्द्रीय जेल, भोपाल – 15 बंदी
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