
नीमच। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच जिले (Neemuch district) के रणपुर गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा देखने को मिला। गांव में मधुमक्खियों (Bees) के अचानक हुए हमले ने मिड डे मील (Mid Day Meal) से जुड़ी एक महिला की जान ले ली। मृतका की पहचान 40 वर्षीय कंचन बाई मेघवाल (Kanchan Bai Meghwal) के रूप में हुई है, जो ‘जय माता दी’ स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष थीं। बताया गया कि वह आंगनवाड़ी भवन के पास लगे हैंडपंप पर कपड़े धो रही थीं, तभी अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह घबराकर पास स्थित आंगनवाड़ी भवन की ओर दौड़ीं, लेकिन मधुमक्खियों का पूरा झुंड भी उनके पीछे-पीछे भवन के अंदर घुस गया।
शिक्षकों की समझदारी से टली बड़ी अनहोनी
जिस वक्त मधुमक्खियां इमारत में दाखिल हुईं, उसी समय वहां प्राथमिक स्कूल की कक्षाएं संचालित हो रही थीं। स्कूल भवन जर्जर होने के कारण बच्चों को अस्थायी रूप से आंगनवाड़ी भवन में पढ़ाया जा रहा था। कमरे में करीब 20 छोटे-छोटे बच्चे मौजूद थे। हालात की गंभीरता को भांपते हुए वहां मौजूद शिक्षक मंगला मालवीय, गुणसागर जैन और कमला ने तुरंत सूझबूझ दिखाई। उन्होंने बिना समय गंवाए बच्चों को चटाई और तिरपाल की चादरों से ढंक दिया और उन्हें सुरक्षित घेरे में बैठाए रखा। जब तक मधुमक्खियों का झुंड वहां से हट नहीं गया, शिक्षक बच्चों की ढाल बनकर खड़े रहे। उनकी सतर्कता और साहस के चलते सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित रहे।
परिवार की एकमात्र कमाऊ सदस्य थीं कंचन बाई
घटना के बाद परिजन कंचन बाई को घर लेकर पहुंचे, लेकिन शरीर पर मधुमक्खियों के कई डंक लगने से उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ती चली गई और कुछ ही समय बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या ने बताया कि कंचन बाई अपने परिवार की इकलौती सहारा थीं। उनके पति शिवलाल लकवाग्रस्त हैं और परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग की है।
प्रशासन हरकत में, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती के एकमात्र हैंडपंप के पास ही मधुमक्खियों का छत्ता बना हुआ था, जिससे लंबे समय से खतरा बना हुआ था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसपी अंकित जायसवाल ने जानकारी दी कि पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु का प्रकरण दर्ज कर शव परिजनों को सौंप दिया है। जिला प्रशासन ने वन विभाग और पंचायत के साथ मिलकर संवेदनशील क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों से मधुमक्खियों के छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिलाया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

©2026 Agnibaan , All Rights Reserved