
भोपाल। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस (Madhya Pradesh Congress) के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली चेहरों को बिहार भेजे जाने की चर्चा जोरों पर है, जिनकी भूमिका संगठन को मज़बूत करने अहम मानी जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार चुनाव (Bihar elections) को देखते हुए एमपी कांग्रेस के नेताओं की डिमांड दिल्ली तक पहुंच चुकी है। जानकारी के मुताबिक पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री सचिन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री ओमकार मरकाम और विधायक आरिफ मसूद जैसे नेताओं को प्रचार और जमीनी रणनीति में उतारा जा सकता है।
पूर्व विधायक कुणाल चौधरी को पहले ही बिहार में सक्रिय कर दिया गया है। उन्हें कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी का सदस्य बनाया गया है, जिसका काम योग्य और विचारधारा-निष्ठ उम्मीदवारों का चयन करना है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि कुणाल चौधरी को बिहार संगठन में नई जान फूंकने की जिम्मेदारी दी गई है।
ओबीसी और मुस्लिम वोटबैंक को साधने के लिए पार्टी की विशेष रणनीति नजर आ रही है। हाल ही में बिहार में राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसी बात पर जोर दिया गया कि प्रचार के लिए जातीय आधार पर लोकप्रिय चेहरों को मैदान में उतारा जाए। इसी क्रम में आरिफ मसूद को मुस्लिम बहुल इलाकों में प्रचार की जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि ओबीसी नेताओं को वर्ग विशेष के बीच भेजा जाएगा।
कुछ नेताओं को पहले ही आब्जर्वर (पर्यवेक्षक) के रूप में जिम्मेदारी दी जा चुकी है। हाल में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी सूची के अनुसार, प्रियव्रत सिंह, पंकज उपाध्याय, अनुपमा आचार्य और आरिफ मसूद को बिहार चुनाव के लिए विशेष पर्यवेक्षक बनाया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा जल्द ही अधिकारिक आदेश जारी किए जाएंगे, जिसमें इन नेताओं की जोनवार जिम्मेदारियों की घोषणा की जाएगी।
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