
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल (Minister Narendra Shivaji Patel) ने बुधवार को कथित जहरीले कफ सिरप (Poisonous cough syrup.) के सेवन से किडनी संक्रमण के कारण राज्य के बच्चों की मौत के लिए तमिलनाडु सरकार को जिम्मेदार ठहरा दिया। नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि तमिलनाडु ने ‘गंभीर लापरवाही’ दिखाई है क्योंकि दूसरे प्रदेशों में सप्लाई की जाने वाली दवाओं का निरीक्षण करना उसकी जिम्मेदारी थी।
नरेंद्र शिवाजी पटेल ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य में आने वाली दवाओं की जांच करती है लेकिन यह विडंबना है कि कफ सिरप के इस विशेष स्टॉक का परीक्षण नहीं किया गया। तमिलनाडु सरकार ने एक अक्टूबर से कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था और दवा की खेप को बाजार से हटाने का आदेश दे दिया था।
मध्य प्रदेश के जन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री पटेल ने आगे कहा कि तमिलनाडु सरकार की लापरवाही गंभीर है, जिसके कारण यहां बच्चों की मौत हो रही है। उनके राज्य से इस तरह की दवाएं कैसे आईं? हम केंद्र सरकार और राज्य (तमिलनाडु) सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पत्र लिख रहे हैं।
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि चूंकि दवा का निर्माण तमिलनाडु में किया गया था इसलिए यह तमिलनाडु की जिम्मेदारी है कि वह दवा का निरीक्षण करे। चूंकि दवा के हर बैच के लिए जांच प्रमाण पत्र (सीओए) जारी करना जरूरी होता है। तमिलनाडु सरकार से कहां गलती हुई? सीओए प्रमाणपत्र जारी किया गया था या नहीं?
उन्होंने आगे कहा कि किस अधिकारी ने गलती की यह जांच का विषय है। मध्य प्रदेश सरकार ने कंपनी के मालिक के खिलाफ कार्रवाई की है। राज्य पुलिस भी तमिलनाडु जा रही है। बता दें कि सिरप का निर्माण तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित एक कंपनी द्वारा किया गया था। सरकार भी राज्य में परीक्षण प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ा रही है।
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