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इंदौर में सिर्फ टाइमपास के लिए आते हैं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल मेम्बर

October 23, 2025

पेड़ों की अवैध कटाई से लेकर तालाबों के अतिक्रमण सहित एनजीटी के किसी भी आदेश पर अमल नहीं, कान्ह-सरस्वती भी गंदे नाले के रूप में ही, सिर्फ बैठकों में दे जाते हैं निर्देश

इंदौर। अभी दीपावली (Diwali) पर ही सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) और एनजीटी (NGT) के आदेशों की इंदौर (Indore) सहित देशभर में धज्जियां उड़ी और जरूरत से ज्यादा आतिशबाजी के चलते आबोहवा खराब भी हुई। कल ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मेम्बर विशेषज्ञ डॉ. अफरोज अहमद ने इंदौर में बैठक लेते हुए पर्यावरणीय स्थिति को सराहना बताया। यानी ऐसा लगता है कि डॉ. अहमद इंदौर सिर्फ अफसरों की पीठ थपथपाने ही आते हैं और जितने भी निर्देश एनजीटी द्वारा जारी होते हैं उनका मैदानी अमल कितना और किस तरह हुआ इसकी कोई जांच-पड़ताल नहीं करते हैं।


  • शहर के ही पर्यावरण प्रेमी आए दिन पेड़ों की अवैध कटाई पर चिंता जाहिर करते हैं। यहां तक कि हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएं भी दायर की गई और अपने-अपने स्तर पर पेड़ बचाओ अभियान चलाए गए। दूसरी तरफ कान्ह-सरस्वती को अतिक्रमण और गंदगी से मुक्त कराने और नदी के रूप में प्रभावित करने के भी सालों से दावे होते रहे हैं और करोड़ों-अरबों रुपए खर्च भी कर डाले। बावजूद इसके ना तो अतिक्रमण हटे और ना ही नालों से नदी में कोई तब्दीली नजर आई। यहां तक कि प्रशासन ने कुछ वर्ष पूर्व ढाई हजार से अधिक अवैध निर्माण भी नदी-नालों के किनारे चिन्हित किए और एनजीटी के आदेशों का भी हवाला दिया। बावजूद इसके ये अवैध निर्माण अभी तक नहीं हट सके। यहां तक कि तालाबों के किनारों के अतिक्रमण, खासकर चैनलों की सफाई नहीं हो सकी, जिसके कारण अधिक बारिश के बावजूद शहर के कई तालाब लबालब नहीं हो सके, क्योंकि पानी की आवक अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों ने रोक रखी है। बिलावली और सिरपुर तालाबों की चैनल ही ब्लॉक पड़ी है, जिसका खुलासा लगातार मीडिया करता रहा। कल की बैठक में भी मेम्बर डॉ. अफरोज अहमद ने प्रदूषण नियंत्रण, हरियाली विस्तार, नदियों की स्वच्छता पर चर्चा तो की, मगर इनकी मैदानी हकीकत नहीं जानी।

    खस्ताहाल सडक़ों के कारण हवा में प्रदूषण
    इंदौर में खस्ताहाल सडक़े वायु प्रदूषण फैला रही हैं। इसे और अधिक बेहतर बनाए रखने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। आंतरिक क्षेत्र के साथ-साथ बायपास की सडक़ों पर भी धूल का गुबार उठ रहा है, जिसके चलते प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है।हालांकि कलेक्टर पानी के छिडक़ाव की प्लानिग कर रहे है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर डॉक्टर अफरोज अहमद ने सडक़ों की स्थिति सुधारने के लिए प्रयास किया जाना अतिआवश्यक है। बैठक में शहर में प्रदूषण नियंत्रण, हरियाली विस्तार, अपशिष्ट प्रबंधन और नदियों की स्वच्छता जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. अहमद ने कहा कि इंदौर जागरूक नागरिकों का शहर है। विकासात्मक गतिविधियों में नागरिकों की सहभागिता रहती है।उनकी मदद से इंदौर में यातायात प्रबंधन के लिए एसओपी जारी की जाए। वही जल संरचनाओं से अतिक्रमण हटाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। तालाबों का सीमांकन कराया जाए। रिक्त भूमि पर पौधारोपण किया जाए। यह ध्यान रखा जाए कि शहर में नई बनने वाली कॉलोनियों में अनिवार्य रूप से 14 प्रतिशत हरित क्षेत्र डेवलप हो, इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी करें। उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक और अन्य इकाइयों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई हो। सडक़ों की मरम्मत का कार्य जल्द पूरा किया जाए।

    बायपास पर फवारों की तैयारी
    बायपास पर धूल के गुबार को खत्म करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी के साथ मिलकर रीगल चौराहा स्थित लगाए गए फवारों की तर्ज पर व्यवस्थाएं शुरू कर दी है। हाल ही में आयोजित की गई बैठक के बाद एनएचआई के साथ मिलकर वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही है, ताकि बायपास क्षेत्र के रहवासियों और वाहन चालकों को वायु प्रदूषण से राहत दिलाई जा सके, वहीं उन्होंने सडक़ सुरक्षा व हाईवे डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ बैठकर तेजी से निर्माण कार्य किए जाने को लेकर चर्चा की है।

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