
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में आम चुनावों के नतीजे अब लगभग साफ हो चुके हैं. यहां जेल में बंद इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों को भारी जनसमर्थन मिला है. पाकिस्तान चुनाव के अब तक घोषित नतीजों में करीब 99 निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली है.
वहीं नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) जिसे वहां नून लीग भी कहा जाता है, 71 सांसदों की जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सरकार बनाने का दावा कर दिया है. खबर है कि नवाज शरीफ पाकिस्तान में एक बार फिर से गठबंधन सरकार के लिए मंथन में जुट गए हैं. वह यहां सरकार गठन के लिए 2 प्लान पर काम कर रहे हैं.
प्लान A- नवाज़ शरीफ ने अपने छोटे भाई और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को गठबंधन सरकार बनाने की दिशा में काम पर लगाया है. शाहबाज ने आसिफ अली ज़रदारी और बिलावल भुट्टो से बात भी की है और दोनों पिता-पुत्र जल्द ही लाहौर में शरीफ परिवार से मिलने वाले हैं. इसके साथ ही बहुमत का जादुई आंकड़ा जुटाने के लिए कुछ अन्य दलों से भी बात की जा रही है.
प्लान B- उधर इमरान खान समर्थक निर्दलीय सांसदों का दावा है कि नवाज शरीफ 60 स्वतंत्र सांसदों के संपर्क में हैं. नवाज और उनकी बेटी मरियम नवाज इन सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल करना चाहते हैं. वैसे भी ये सब सांसद इमरान समर्थक ज़रूर हैं, लेकिन स्वतंत्र हैं और पार्टी के नियमों के अंतर्गत नहीं आते.
इस बीच ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्लेषकों और उम्मीदवारों ने गुरुवार को हुए आम चुनावों की सत्यनिष्ठा पर गंभीर सवाल उठाए और चिंता जताई कि 3 बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) को सत्ता में वापस लाने के लिए वोटों में हेराफेरी करने का प्रयास किया गया था. यहां ऐसा देखा गया है कि नवाज शरीफ को पाकिस्तान की ताकतवर सेना का समर्थन हासिल था, जो लंबे समय से देश की राजनीतिक किस्मत का फैसला करती रही है और इसका चुनावों में हस्तक्षेप करने का इतिहास रहा है.
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