
नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट (AI Impact Summit) के पहले ही दिन NeoSapien कंपनी के स्टॉल से एआई वियरेबल डिवाइसेज (AI wearable devices) चोरी होने की खबर सामने आई है। कंपनी के CEO और को-फाउंडर धनंजय यादव का दावा है कि यह घटना उस समय हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले स्टॉल को खाली करने का निर्देश दिया गया था। यादव ने कहा कि एक्सपो एरिया में केवल सुरक्षाकर्मी मौजूद थे, फिर भी उनके पेटेंटेड AI वियरेबल गायब हो गए, जिससे उन्हें और उनकी टीम को भारी निराशा हुई।
यादव ने बताया कि दोपहर 12 बजे सुरक्षा जांच शुरू हुई थी और पीएम मोदी दोपहर 2 बजे आगमन करने वाले थे। उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों से अनुरोध किया कि उनके पेटेंटेड वियरेबल सुरक्षित रहें, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें वहां से जाने को कहा गया। यादव ने सुरक्षा कर्मचारियों की बात पर भरोसा किया और अपना सामान वहीं छोड़ दिया। जब वह छह घंटे बाद अपने स्टॉल पर लौटे, तो देखा कि उनके वियरेबल चोरी हो चुके थे। उन्होंने खाली पैकेट की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि यह बेहद निराशाजनक और हैरान करने वाला अनुभव था।
NeoSapien और वियरेबल डिवाइसेज
NeoSapien एआई वियरेबल बनाती है, जो बातचीत को ट्रैक करने और भावनाओं का विश्लेषण करने में सक्षम हैं। यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि समिट का पहला दिन उनके लिए दर्दभरा रहा और वे व्यक्तिगत रूप से इस इकोसिस्टम और सरकार के प्रयासों का समर्थन करना चाहते थे।
हाई-प्रोफाइल समिट और दिग्गजों की मौजूदगी
इस समिट में दुनिया के बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें गूगल के CEO सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज मौजूद हैं।
यादव ने सवाल उठाया कि हाई सिक्योरिटी एरिया में वियरेबल कैसे गायब हो सकते हैं और इस घटना ने उनके उत्साह को निराशा में बदल दिया। उनका कहना है कि यह घटना न केवल व्यक्तिगत नुकसान का सवाल है, बल्कि हाई-प्रोफाइल इवेंट्स में सुरक्षा और समन्वय की कमी को भी उजागर करती है।
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