नई दिल्ली। अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में नासा (NASA) एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। आर्टेमिस प्रोग्राम (Artemis Program) के तहत इस महीने चंद्रमा की यात्रा पर जाने वाले वैज्ञानिक पहली बार अपने साथ iPhone लेकर जाएंगे। इन स्मार्टफोन्स की मदद से अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की तस्वीरें लेंगे, वीडियो रिकॉर्ड करेंगे और वहां बिताए गए पलों को दस्तावेज़ करेंगे।
नासा की ओर से वैज्ञानिकों को ये iPhone उपलब्ध कराए जाएंगे। इस फैसले की जानकारी नासा के प्रशासक जैरेड आइज़ैकमैन ने सोशल मीडिया के जरिए दी। उन्होंने बताया कि क्रू मेंबर्स को एक ऐसा विशेष टूल दिया जा रहा है, जिससे वे अपने ऐतिहासिक अनुभवों को न सिर्फ सुरक्षित रख सकें, बल्कि अपने परिवार और दुनिया भर के लोगों के साथ साझा भी कर सकें।
अब तक नासा के अंतरिक्ष यानों में किसी भी प्रकार के मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी। हालांकि, नासा ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह सुविधा सिर्फ मून मिशन के लिए दी जा रही है, लेकिन भविष्य में अन्य डिवाइसों को भी मंजूरी मिल सकती है।
नासा की प्रवक्ता बेथनी स्टीवेन्स ने गुरुवार को कहा कि यह एजेंसी के लिए पहली बार है जब किसी मिशन में स्मार्टफोन को आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले करीब दस वर्षों से कमर्शियल स्पेस फ्लाइट्स में सुरक्षित रूप से स्मार्टफोन का उपयोग किया जा रहा है।
पहले भी तोड़ी जा चुकी हैं परंपराएं
गौरतलब है कि जैरेड आइज़ैकमैन 2024 में एक कमर्शियल स्पेस फ्लाइट के दौरान स्मार्टफोन अपने साथ ले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि नासा ने लंबे समय से चली आ रही प्रक्रियाओं को चुनौती देते हुए आधुनिक हार्डवेयर को कम समय में अंतरिक्ष उड़ान के लिए योग्य बनाया है।
अंतरिक्ष में कमर्शियल उत्पादों का दुर्लभ उपयोग
अंतरिक्ष मिशनों में आमतौर पर कमर्शियल उत्पादों का इस्तेमाल बेहद कम होता है, क्योंकि वहां उपयोग होने वाले उपकरणों के लिए परीक्षण मानक बेहद सख्त होते हैं। इससे पहले ओमेगा स्पीडमास्टर प्रोफेशनल घड़ी को अपोलो मिशनों में इस्तेमाल किया गया था, जो चंद्रमा पर पहनी गई पहली घड़ी बनी। आज यह घड़ी स्मिथसोनियन के नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में प्रदर्शित है और इसका व्यावसायिक संस्करण करीब 7,500 डॉलर में उपलब्ध है।
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