उज्जैन । महाकाल मंदिर के बाहर कतिपय दुकानदारों द्वारा पूर्व में ऑन लाइन भस्मार्ती दर्शन को लेकर मामले उजागर हुए थे। इन मामलों में फर्जी बुकिंग के आधार पर अधिक रूपये लेकर श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जा रहे थे। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के कारण यह काम बंद हो गया था। इधर फर्जी तरीके से कमाई का अलग तरीका ढूंढ लिया गया है।
महाकाल मंदिर प्रशासक सुजानसिंह रावत के अनुसार उत्तर प्रदेश से आए दर्शनार्थियों ने जब पंजीयन का एसएमएस बताया तो शंका हुई। पूछताछ में उन्होंने बताया कि बाहर एक दुकानदार ने उनसे 200-200 रू. लिए और एसएमएस फार्रवर्ड कर दिया। उसका कहना था कि मंदिर में आसानी से प्रवेश मिल जाएगा और दर्शन हो जाएंगे।
उन्होंने पड़ताल की तो पता चला कि बाहर कतिपय दुकानदारों द्वारा पंजीयन करवा लिया जाता है। उनके मोबाइल फोन पर एसएमएस आ जाते हैं। इसके बाद बाहर से आनेवाले ऐसे दर्शनार्थी, जिन्होने पंजीयन नहीं करवाया है,जब दर्शन के लिए भटकते हैं तो ये लोग अपने एसएमएस को फार्रवर्ड कर देते हैं और रूपये वसूल लेते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ महाकाल पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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